326 दिन की घेराबंदी का अंत! बर्फ, बारिश और दुर्गम पहाड़ों के बीच चला लंबा अभियान…10 लाख का इनामी सैफुल्ला समेत 7 आतंकी ढेर…
बर्फ, बारिश और दुर्गम पहाड़ों के बीच चला लंबा अभियान…10 लाख का इनामी सैफुल्ला समेत 7 आतंकी ढेर...

जम्मू-कश्मीर के Kishtwar district में सुरक्षा बलों ने 326 दिनों तक चले बेहद कठिन और रणनीतिक अभियान के बाद बड़ी सफलता हासिल की है। ‘ऑपरेशन त्रासी’ के तहत सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 7 वांछित आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें 10 लाख रुपये का इनामी आतंकी सैफुल्ला भी शामिल है।
ये सभी आतंकी Jaish-e-Mohammed से जुड़े बताए जा रहे हैं।
बर्फीले पहाड़ों में 326 दिन का पीछा
अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन करीब 326 दिनों तक चला। इस दौरान जवानों ने कड़ाके की ठंड, बारिश, बर्फबारी और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखा।
मजबूत खुफिया तंत्र और सटीक सूचना के आधार पर आतंकियों की लोकेशन ट्रैक की गई। सिविल और सैन्य खुफिया एजेंसियों ने मिलकर एक मजबूत इंटेलिजेंस ग्रिड तैयार किया, जिसने इस अभियान को निर्णायक बनाया।
व्हाइट नाइट कोर की अगुवाई में घेराबंदी
इस ऑपरेशन में सेना की White Knight Corps, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया।
रविवार को हुई मुठभेड़ में सैफुल्ला और उसके दो साथी मारे गए। बताया जाता है कि ये तीनों पिछले दो वर्षों से इलाके में सक्रिय थे।
ड्रोन और सैटेलाइट से मिली बढ़त
ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया गया।
एफपीवी ड्रोन
सैटेलाइट तस्वीरें
आरपीए/यूएवी
उन्नत संचार प्रणाली
इन तकनीकों की मदद से आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी गई, जिससे जवानों को सटीक इनपुट मिलता रहा।
अभी भी खतरा बरकरार?
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू रीजन में अभी भी पाकिस्तान के करीब 30 आतंकी सक्रिय हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार उनकी तलाश और ट्रैकिंग में जुटी हैं।
आगे भी जारी रहेंगे अभियान
सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
326 दिन की इस लंबी घेराबंदी ने यह साबित कर दिया कि धैर्य, रणनीति और तकनीक के दम पर आतंक के नेटवर्क को तोड़ा जा सकता है।









