‘वंदे मातरम का अपमान करने वालों को देश माफ नहीं करेगा’… CM साय का कांग्रेस पर तीखा हमला, Emergency का भी खोला जख्म

रायपुर। केरल में वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत भी गरमा गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि देश की जनता अब वंदे मातरम और भारत माता का अपमान करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिन्हें “भारत माता की जय” बोलने से परहेज है, उनका देश में क्या हाल हो रहा है, यह पूरा देश देख रहा है।
दरअसल, मामला केरल विधानसभा सत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस बैंड द्वारा वंदे मातरम का केवल शुरुआती हिस्सा बजाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि लोक भवन की ओर से पूर्वाभ्यास के दौरान पूरा राष्ट्रगीत बजाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन राज्य सरकार ने पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए केवल शुरुआती हिस्सा ही बजाने का निर्णय लिया। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पूरे विवाद पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देशभक्ति से जुड़े विषयों पर जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देती है।
इधर मीसाबंदियों की पेंशन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से यह बयान दिया गया था कि मीसाबंदियों की पेंशन भाजपा को अपने पार्टी फंड से देनी चाहिए। इस बयान पर मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस को इमरजेंसी की याद दिलाते हुए तीखा पलटवार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कांग्रेस आज संविधान बचाने की बात करती है, उसी पार्टी ने 1975 में देश पर इमरजेंसी थोपकर संविधान को ताक पर रख दिया था। उन्होंने कहा कि उस दौर में गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था, जिससे हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मीसाबंदियों का सम्मान करना भाजपा की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति सम्मान भी है। उन्होंने कांग्रेस को मुद्दाविहीन बताते हुए कहा कि उसे इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
वहीं राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव को लेकर भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उत्साह जाहिर किया। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में आम की 250 से अधिक प्रजातियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अनूठी प्रदर्शनी को देखने पहुंचने की अपील की और कहा कि यह आयोजन किसानों, आम उत्पादकों और आम प्रेमियों के लिए बेहद खास अवसर है।









