संसद में अचानक बदला माहौल! Narendra Modi और Mallikarjun Kharge की मुलाकात ने सबको चौंकाया, VIDEO देख रह जाएंगे हैरान
अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम में दिखी सियासी गर्मी के बीच अनोखी नरमी, मुस्कान और बातचीत ने खींचा सबका ध्यान

संसद परिसर में मंगलवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। जहां आमतौर पर सियासी टकराव की तस्वीरें सामने आती हैं, वहीं इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
दरअसल, ‘प्रेरणा स्थल’ पर B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi और कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge आमने-सामने आए। जैसे ही दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, माहौल अचानक बदल गया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी खुद आगे बढ़कर खड़गे के पास पहुंचे, उनसे हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान साफ नजर आई। कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगा मानो सियासी मतभेद पीछे छूट गए हों।
इस कार्यक्रम में Om Birla, Kiren Rijiju और उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan समेत कई बड़े नेता मौजूद थे, जिन्होंने अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Congress national president Mallikarjun Kharge share a light-hearted moment
PM Modi and other leaders paid tribute to Bharat Ratna Dr BR Ambedkar at Prerna Sthal in the parliament premises on the occasion of Ambedkar Jayanti.… https://t.co/JoquMq3m4d pic.twitter.com/vN3KkG63j1
— ANI (@ANI) April 14, 2026
दिलचस्प बात यह भी है कि इससे कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात Rahul Gandhi से भी हुई थी। संसद परिसर में दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत और विनम्र व्यवहार ने भी लोगों का ध्यान खींचा था।
अंबेडकर जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बाबासाहेब की राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आज भी देश को प्रेरित करती है। वहीं खड़गे ने उन्हें भारत की नैतिक और संवैधानिक आत्मा देने वाला दूरदर्शी नेता बताया। राहुल गांधी ने भी कहा कि संविधान और अंबेडकर के आदर्शों को आज चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उस पल की हो रही है, जब सियासत के दो बड़े चेहरे आमने-सामने आए और माहौल में अचानक आई इस नरमी ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया—क्या यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात थी या इसके पीछे कोई बड़ा संकेत छुपा है?









