रांची में कारोबारी से 20 लाख की रंगदारी मांगने का मामला! व्हाट्सएप पर मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी

Case of ₹20 Lakh Extortion Demand from Businessman in Ranchi! Death Threats Received via WhatsApp; Police Launch Investigation.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में एक कारोबारी को 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला नामकुम थाना क्षेत्र का है, जहां एक आयुष वेलनेस सेंटर संचालक को व्हाट्सएप पर धमकी भरा मैसेज भेजा गया।

घटना के बाद इलाके के कारोबारियों में डर का माहौल बन गया है और लोग सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

व्हाट्सएप मैसेज से मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक आयुष वेलनेस सेंटर संचालक संतोष कुमार को एक व्हाट्सएप मैसेज मिला, जिसमें 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।

मैसेज भेजने वाले ने खुद को प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई से जुड़ा बताया और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

धमकी में साफ तौर पर जान से मारने की चेतावनी भी दी गई थी, जिसके बाद कारोबारी और उनका परिवार दहशत में आ गया।

नामकुम थाने में दर्ज कराई शिकायत

धमकी मिलने के बाद संतोष कुमार ने नामकुम थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, संदिग्ध नंबर और अन्य जरूरी जानकारी भी सौंपी है।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

तकनीकी जांच में जुटी पुलिस

नामकुम थाना पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस व्हाट्सएप नंबर, कॉल डिटेल और मैसेज की ट्रेसिंग कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि धमकी वास्तव में किसी नक्सली संगठन की ओर से दी गई है या फिर किसी आपराधिक गिरोह ने फर्जी तरीके से डराने की कोशिश की है।

कारोबारियों में बढ़ा डर का माहौल

इस घटना के बाद इलाके के कारोबारी वर्ग में चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे रंगदारी और धमकी के मामलों से सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोगों ने पुलिस प्रशासन से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।

फिलहाल जांच एजेंसियां हर पहलू पर नजर रख रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनका नेटवर्क कितना बड़ा है।

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