झारखंड : सुप्रीम कोर्ट से जमानत के बाद जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री आलमगीर आलम…होटवार जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ – क्या बदलेगा झारखंड का सियासी समीकरण?

Former Minister Alamgir Alam released from jail following bail from the Supreme Court... Crowds of supporters gather outside Hotwar Jail—will Jharkhand's political equation change?

रांची में झारखंड की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम गुरुवार को होटवार जेल से रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर उनकी रिहाई संभव हो सकी। जैसे ही वे जेल से बाहर आए, समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

सुप्रीम कोर्ट की जमानत के बाद पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आलमगीर आलम की ओर से निचली अदालत में आवश्यक दस्तावेज और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। बेल ऑर्डर और रिलीज ऑर्डर मिलने के बाद जेल प्रशासन ने उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू की और गुरुवार को उन्हें होटवार जेल से बाहर निकाल दिया गया।

जेल के बाहर उमड़ा समर्थकों का जनसैलाब

रिहाई की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक होटवार जेल के बाहर जमा हो गए। जैसे ही आलमगीर आलम बाहर आए, समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और जोरदार नारेबाजी की। कुछ समय के लिए जेल परिसर के बाहर उत्सव जैसा माहौल बन गया।

परिवार के साथ भावुक मुलाकात, पत्नी और पोते रहे मौजूद

जेल से बाहर निकलते ही आलमगीर आलम की मुलाकात उनकी पत्नी और विधायक निसात आलम तथा परिवार के अन्य सदस्यों से हुई। उनके पोते भी इस मौके पर मौजूद थे। लंबे समय बाद घर वापसी पर परिवार भावुक नजर आया और माहौल काफी भावनात्मक हो गया।

करीब दो साल बाद मिली रिहाई, ईडी कार्रवाई से जुड़े थे मामले

जानकारी के अनुसार आलमगीर आलम पिछले लगभग दो वर्षों से जेल में बंद थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन था। अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है।

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज

इस रिहाई के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों के लिए यह बड़ी राहत का पल माना जा रहा है, वहीं आगे कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक असर पर भी नजरें टिकी हुई हैं।

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