रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों पर शैल कंपनी में निवेश मामले पर अब 11 जुलाई को सुनवाई होगी। आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद वरीष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने वक्त मांगा था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कल लिया। इधर इस मामले में शिव शंकर शर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की गयी है।

झारखंड में हेमंत सोरेन और उनेक भाई बसंत सोरेन के करीबियों द्वारा शेल कंपनियों में काला धन निवेश करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर शुक्रवार को हुई। इससे पहले 3 जून को हाईकोर्ट ने लीज आवंटन और शैल कंपनियों में निवेश के मामले में दाखिल याचिकाओं को सुनवाई के योग्य माना था।

हाईकोर्ट में भी हुई सुनवाई

इधर, रांची हाईकोर्ट में भी शैल कंपनियों में निवेश और माइनिंग लीज आवंटन मामले में सुनवाई अब 23 जून को होगी। उस दिन ये सुनवायी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल व महाधिवक्ता राजीव रंजन के कोरोना पाजेटिव होने के कारण सरकार को समय प्रदान किया।

आपको बता दें कि प्रार्थी शिवशंकर शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। प्रार्थी शिवशंकर शर्मा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों की शेल कंपनियों में निवेश व रांची के अनगड़ा में 88 डिसमिल जमीन पर आवंटित माइनिंग लीज की जांच सीबीआई व ईडी से कराने की मांग को लेकर झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है.

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