2036 ओलंपिक – भारतीय दावेदारी को पंख दे रही हैं नीता अंबानी

मुंबई। पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास के पहले इंडिया हाउस के उद्घाटन के मौके रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर चेयरपर्सन नीता अंबानी ने घोषणा की कि “वह दिन दूर नहीं जब ओलंपिक भारत में होंगे। सभी भारतीयों का यह साझा सपना है।“ नीता अंबानी की यह आवाज स्थानीय फ्रांसीसी मीडिया के साथ दुनिया भर की प्रेस ने जोर शोर से कवर की। यह सर्वविदित है कि भारत के जाने माने उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी कोरपोरेट वर्ल्ड से जुड़ी हैं पर यह कम लोग ही जानते होंगे कि नीता अंबानी भारत की सॉफ्ट स्पोर्ट्स पावर का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। वे आईओसी यानी इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी की सदस्या हैं और उनकी पहल और वित्तिय सहायता के बल पर ही इंडिया हाउस आज पेरिस के पोर्टे डे ला विलेट में शान से खड़ा है।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते रसूख के बीच, देश ने ओलंपिक का सपना तो देख लिया पर यह सपना साकार कैसे होगा। इसके लिए चार मोर्चों पर काम करना होगा, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, सुरक्षा की गारंटी, अंतरराष्ट्रीय खेल संघों में भागीदारी और खेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार। पहले दो काम यानी इंफ्राक्ट्रक्चर का विकास और सुरक्षा की गारंटी सरकार देगी। परंतु अंतरराष्ट्रीय खेल संघों में भागीदारी और खेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए सरकार को कोरपोरेट वर्ल्ड से हाथ मिलाना होगा। नीता अंबानी का कद इन दोनों मोर्चों पर उनके द्वारा किए गए कामों की वजह से और बढ़ जाता है।

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नीता अंबानी 2016 से आईओसी की सदस्या हैं। कुछ दिन पहले ही वे आठ वर्षों के लिए दोबारा चुनी गई हैं। 2023 में भारत में आईओसी की मीटिंग, 40 वर्षों बाद मुंबई के ‘जियो वर्ल्ड सेंटर’ में हुई, जिसे भारत लाने की जिम्मेदारी भारतीय ओलंपिक एसोशियेशन, खेल मंत्रालय के साथ नीता अंबानी ने बखूबी उठाई। अगर भारत 2036 की मेजबानी के लिए दावा पेश करता है तो नीता अंबानी की काबिलियत काम आएगी। नीता अंबानी कोई अकेली नहीं है जो भारत में ओलंपिक लाने की वकालत कर रही हों। पूरा का पूरा कोरपोरेट वर्ल्ड ओलंपिक को इंडिया लाए जाने के पक्ष में खड़ा दिखाई देता है। जेएसडब्ल्यू हो या टाटा ग्रुप या फिर भारत की सरकारी कंपनियां सभी खेलों को बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस से जुड़ी होने के कारण, पूरी कोर्पोरेट दुनिया को भारतीय ओलंपिक सपने के पीछे खड़ा करने की ताकत भी नीता के पास है।

नीता अंबानी का रिलायंस फाउंडेशन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर भी दिल खोल कर खर्च कर रहा है। ओलंपियन ज्योति याराजी जैसे अनेकों खिलाड़ी रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित हाई परफॉरमेंस सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। फाउंडेशन देश भर में 2 करोड़ 20 लाख से अधिक युवा भारतीयों के शैक्षणिक और खेल प्रशिक्षण की देख रेख करती हैं। नीता अंबानी कहती हैं, “हम एक मल्टी स्पोर्ट्स नेशन बन रहे हैं। हालांकि क्रिकेट अब भी एक धर्म बना हुआ है।“ नीता अंबानी प्रीमियर लीग क्लब मुंबई इंडियंस की मालकिन हैं और रिलायंस समूह दुनिया भर में पाँच क्लबों का मालिक है। ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए वे पूरा समय पेरिस में ही रहेंगी। इसका असर आने वाले कुछ वर्षों में देखने को मिलेगा।

ओलंपिक को भारत लाने के लिए सरकार भी अपना पूरा जोर लगाए हुए है। हालांकि यह अभी ऑफिशियल नहीं है पर प्रधानमंत्री मोदी कई मंचों से 2036 के ओलंपिक को भारत लाने की बात कह चुके है। नीता अंबानी ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के कामों की बदौलत पिछले चार-पांच सालों में देश के बुनियादी ढांचे में काफी सुधार हुआ है। भारत में गांव से शहर पहुंचना अब आसान है और खेल सुविधाएं कई गुना बढ़ गई हैं।

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