नियम का पालन न किया तो खो देंगे 20 लाख रुपये, जानिये क्या हैं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नये नियम

नई दिल्ली। 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य देश के नागरिकों को 10 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराना है। भारत सरकार द्वारा लागू की गई इस पहल के तहत तीन तरह के लोन दिए जाते हैं। पहला है शिशु लोन, जो 50,000 रुपये तक का लोन देता है। दूसरा है किशोर लोन, जो 500,000 रुपये तक का लोन देता है। तीसरी और सबसे बड़ी श्रेणी है तरुण लोन, जो 10 लाख रुपये तक का लोन देता है।

बता दें कि, इस योजना के तहत सरकार व्यवसायों के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन देती है। हाल ही में पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुद्रा लोन योजना के तहत लोन की राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की है। हालांकि कुछ व्यक्ति मुद्रा योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं हो सकते हैं, और इस कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए कुछ खास कमियों को दूर करना ज़रूरी है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि 20 लाख रुपये का लोन केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिन्होंने पहले लिए गए तरुण लोन को समय पर चुका दिया है।

लाभ लेने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु होना जरूरी

गैर-भारतीय नागरिक इस योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं हैं। साथ ही, अगर किसी व्यक्ति को बैंक ने डिफॉल्टर घोषित कर दिया है, तो उसे भी इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाता है। ध्यान रहे कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। अगर आप किसी भी तरह के कॉरपोरेट सेक्टर के लिए मुद्रा लोन लेना चाहते हैं, तो भी आप इस लोन के पात्र नहीं होंगे। अगर आवेदक के पास बैंक खाता नहीं है, तो उसे भी यह लोन नहीं दिया जाएगा।

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