शिक्षा विभाग सचिव ने स्कूल के लिए जारी किए निर्देश, जानें क्या

शिक्षा विभाग : एक जुलाई से अब तक स्कूलों के निरीक्षण की कवायद और उसके मॉनीटरिंग अभियान की सफलता को देखते हुए बिहार में शिक्षा विभाग ने इसे स्थायी रूप देने का फैसला किया है. स्कूलों की मॉनीटरिंग अब शिक्षा विभाग का स्थायी और नियमित दायित्व होगा. इसके लिए मॉनीटरिंग अभियान को मॉनीटरिंग व्यवस्था में बदल दिया गया है. इसका जिम्मा सभी जिलों के डीएम को सौंपा गया है. इस संबंध के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने विद्यालय के निरीक्षण अभियान को मॉनिटरिंग में बदलने की जानकारी दी और इसके लिए रोस्टर तैयार करने को कहा है.

22 से 23 हजार स्कूलों का प्रतिदिन हो रहा निरीक्षण

अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र में बताया है कि विद्यालयों के निरीक्षण और अनुश्रवण के उम्मीद के मुताबिक परिणाम सामने आये हैं. रोज करीब 22 से 23 हजार स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है.. इससे शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति में अच्छी सफलता मिली है.. इसलिए निरीक्षण की प्रक्रिया को स्थायी बनाने की कवायद शुरू की गई है.

शाम चार बजे से शाम छह बजे तक विभाग के पदाधिकारियों के साथ न करें बैठक

अपर मुख्य सचिव ने पत्र में जिला अधिकारियों को बताया है कि शाम चार बजे से शाम छह बजे के बीच जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ प्रधानाध्यापकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होती है. शाम चार बजे से छह बजे के बीच जिला स्तर पर शिक्षा विभाग से जुड़ी कोई बैठक न बुलाएं. इस तरह की बैठक पूर्वाह्न के समय जिला शिक्षा पदाधिकारी और विभागीय अफसरों के साथ बैठक रखने की परंपरा शुरू करें.

स्कूलों में बढ़ गई है उपस्थिति

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नियमित तौर पर हो रहे स्कूलों की मॉनीटरिंग से पढ़ाई का माहौल बना है. विभाग इसे अब स्थायित्व देना चाहता है. अब 50 से 75 फीसदी बच्चों की उपस्थिति वाले स्कूलों की संख्या 73.71 फीसदी हो गयी है, जबकि एक जुलाई को यह संख्या 34.19 फीसदी थी. 75 फीसदी से अधिक उपस्थिति वाले स्कूलों की संख्या 1.42 फीसदी से बढ़ कर 9.63 फीसदी हो गयी है.

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