खाना, कमाना और सो जाना ही जिंदगी है? भक्त के सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने बताया जीवन का ऐसा सच, सुनकर लोग रह गए शांत
“हर गुजरती शाम आपकी उम्र खा रही है…” प्रेमानंद महाराज बोले- सिर्फ शरीर नहीं, आत्मा के लिए भी जीना सीखिए

वृंदावन। इंसान सुबह उठता है, काम पर जाता है, पैसा कमाता है, खाना खाता है और फिर सो जाता है। सालों से यही चक्र चलता रहता है। लेकिन क्या सिर्फ यही जीवन है? इसी सवाल ने हाल ही में Premanand Maharaj के दरबार में बैठे एक भक्त को बेचैन कर दिया। जब उसने पूछा — “खाना, कमाना और सोना… इसके बाद क्या? जीवन का असली उद्देश्य क्या है?” — तो बाबा के जवाब ने वहां मौजूद लोगों को गहरी सोच में डाल दिया।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि यदि इंसान सिर्फ रोजमर्रा की जरूरतों तक सीमित रह जाए, तो वह जीवन के असली अर्थ को कभी नहीं समझ पाएगा। उन्होंने कहा, “क्या यही जीवन है? कब तक ऐसे ही जीते रहेंगे? हर शाम हमारी आयु को कम कर रही है। सवाल यह है कि इस जीवन से हम वास्तव में क्या प्राप्त कर रहे हैं?”
बाबा ने समझाया कि जब इंसान जीवन के असली उद्देश्य को खोजने की कोशिश करता है, तो अंत में उसे अध्यात्म की ओर ही जाना पड़ता है। उनके अनुसार नाम जाप, भजन और ईश्वर स्मरण सिर्फ धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मा को सही दिशा देने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति रोज थोड़ा समय भी नाम जाप और भक्ति में लगाता है, तो उसका वर्तमान भी सुधरता है और भविष्य भी सुरक्षित होता है। बाबा के मुताबिक नाम जाप का प्रभाव इंसान को गलत रास्तों से बचाता है और जीवन में मानसिक शांति लाता है।
प्रेमानंद महाराज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जीवन में ईश्वर स्मरण नहीं है, तो इंसान अपनी सबसे कीमती चीज — अपनी आयु — को बिना उद्देश्य के गंवा रहा है।
गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों में हमेशा नाम जाप की शक्ति पर जोर देते हैं। वे Radha और Krishna भक्ति को जीवन का सबसे बड़ा सहारा मानते हैं। उनके अनुसार सच्ची भक्ति इंसान को भीतर से बदल देती है और जीवन की उलझनों में भी रास्ता दिखाती है।
