पंचांग शनिवार: आज का दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए क्यों है सबसे खास? जानें सही समय और नियम
Panchang – Saturday: Why is today the most auspicious day to appease the ancestors? Learn the precise timings and rituals.

पंचांग : आज 23 मई, 2026 शनिवार, के दिन ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर माता दुर्गा का शासन है. इस दिन पितृ पूजा की जा सकती है, लेकिन अधिकांश कार्यों के लिए अशुभ तिथि मानी जाती है.
23 मई का पंचांग :
- विक्रम संवत : 2082
- मास : ज्येष्ठ
- पक्ष : शुक्ल पक्ष अष्टमी
- दिन : शनिवार
- तिथि : शुक्ल पक्ष अष्टमी
- योग : ध्रुव
- नक्षत्र : मघा
- करण : विष्टि
- चंद्र राशि : सिंह
- सूर्य राशि : वृषभ
- सूर्योदय : 05:25:00 AM
- सूर्यास्त : 07:10:00 PM
- चंद्रोदय : 12:04
- चंद्रास्त : 01:05, मई 24
- राहुकाल : 08:51 से 10:35
- यमगंड : 14:01 से 15:44
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा सिंह राशि और मघा नक्षत्र में रहेगा. इस नक्षत्र का विस्तार 0 से 13:20 डिग्री तक सिंह राशि में फैला है. इसके देवता पितृगण है और नक्षत्र स्वामी केतु है. यह उग्र और क्रूर प्रकृति का नक्षत्र है. आज अधिकार, परंपरा और आत्मसम्मान का संकेत दे रहा है. केतु के प्रभाव से अचानक निर्णय और अहंकार की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, इसलिए संतुलन बनाए रखना आवश्यक रहेगा. यह उग्र प्रकृति का नक्षत्र होने से विवाद और टकराव से बचकर ही कार्य करना बेहतर रहेगा.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:51 से 10:35 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

