हंता वायरस के नए केस मिलने से बढ़ी चिंता, WHO ने कहा- कोविड जैसा खतरा नहीं, लेकिन लापरवाही पड़ सकती है भारी

क्रूज शिप से फैला रहस्यमयी वायरस, 3 की मौत के बाद दुनिया में डर... क्या फिर लौट रहा कोरोना जैसा खतरा?

Hanta Virus: कोरोना महामारी की भयावह यादें अभी पूरी तरह धुंधली भी नहीं हुई थीं कि अब एक नए वायरस ने दुनिया भर में डर का माहौल बना दिया है। हंता वायरस नाम के इस संक्रमण ने कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, हंता वायरस से संक्रमित 3 और यात्रियों की पुष्टि हुई है। इनमें एक अमेरिकी, एक फ्रांसीसी और एक स्पेनिश नागरिक शामिल हैं, जो पहले ही अपने-अपने देशों लौट चुके हैं।

अब तक इस वायरस से 3 लोगों की मौत हो चुकी है। यही वजह है कि लोग इसे अगला कोरोना मानकर घबराने लगे हैं। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने इस डर को लेकर बड़ी सफाई दी है और कहा है कि हंता वायरस कोविड-19 जैसा तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है।

दरअसल, इस वायरस का पहला मामला 11 अप्रैल 2026 को सामने आया था। डच जहाज एमवी होंडियस क्रूज शिप पर सफर कर रहे एक बुजुर्ग डच यात्री की अचानक मौत हो गई थी। बाद में उनकी पत्नी भी दक्षिण अफ्रीका में मृत पाई गईं। इसके बाद 2 मई को जहाज पर मौजूद एक जर्मन महिला की भी मौत हो गई। जांच में इन मामलों का संबंध हंता वायरस से जुड़ा पाया गया।

WHO के मुताबिक अब तक जहाज से जुड़े हंता वायरस के 9 मामले कन्फर्म हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संगठन ने जहाज से लौटने वाले सभी यात्रियों के लिए 42 दिन के आइसोलेशन की सिफारिश की है। सोमवार को अमेरिका के 17 यात्रियों को नेब्रास्का मेडिकल सेंटर लाकर निगरानी और क्वारिंटीन में रखा गया है।

दुनियाभर में बढ़ती दहशत के बीच WHO के डायरेक्टर जनरल ने राहत भरी बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हंता वायरस को कोविड-19 जैसा मानना गलत होगा। WHO के अनुसार कोरोना वायरस की सबसे खतरनाक बात उसकी सुपर-स्प्रेडिंग क्षमता थी, जहां एक संक्रमित व्यक्ति कुछ घंटों में दर्जनों लोगों तक वायरस पहुंचा सकता था। लेकिन हंता वायरस इतनी तेजी से नहीं फैलता।

WHO ने 3 अहम पॉइंट्स में स्थिति स्पष्ट की है। पहला, यह वायरस सामान्य संपर्क से तेजी से नहीं फैलता। दूसरा, इसका संक्रमण ज्यादातर क्लोज कॉन्टैक्ट या संक्रमित गंदगी के सीधे संपर्क से होता है। तीसरा, इसके वैश्विक महामारी बनने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों के जरिए फैलता है। संक्रमित चूहों की लार, पेशाब या गंदगी के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो सकता है। यह वायरस हवा में कोरोना की तरह लंबे समय तक नहीं फैलता। हालांकि एंडिस स्ट्रेन के कुछ मामलों में इंसान से इंसान संक्रमण की बात सामने आई है, लेकिन इसकी रफ्तार बेहद धीमी बताई गई है।

फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि WHO ने घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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