रांची : जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) में एक और नियुक्ति घोटाले होने की संभावना है। इसका खुलासा खुद जेपीएससी के एक पूर्व सदस्य ने किया और इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को अवगत कराया है। जेपीएससी के एक पूर्व सदस्य के इस खुलासे के बाद सरकार सचेत हो गई हैं। जिसके बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले पर कार्य विभाग से पहल करने का अनुरोध किया है। पूरे मसले पर कार्मिक विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सचिव जेपीएससी को पत्र लिखा है और जेपीएससी के बारे में मिली शिकायत पर अविलंब जांच करने का निर्देश दिया है। कार्मिक विभाग ने वस्तुस्थिति पर पूरी रिपोर्ट भी मांगी है।

दरअसल, 18 जुलाई 2022 को ही निगरानी विभाग ने कार्मिक विभाग को पत्र लिखा था। इसमें एक भूतपूर्व सदस्य जेपीएससी का परिवाद पत्र दिया गया था, जिसमें यह बात सामने आया कि कैसे आयोग में कथित रूप से भ्रष्टाचार व्याप्त है एवं गलत तरीके से अभ्यर्थियों को लाभ नियुक्तियों में पहुंचाया जाता है। हालांकि, विभाग ने अपने पत्र में भूतपूर्व सदस्य के नाम का खुलासा नहीं किया है। उनके परिवाद को भी 16 अगस्त की तिथि से गोपनीय तरीके से जेपीएससी को भेजी है। आपको बता दें कि, झारखंड में जेपीएससी ने अब तक दस परीक्षा आयोजित की हैं।

झारखंड लोक सेवा आयोग पर उठती रही अंगुली

जेपीएससी मे नियुक्ति से संबंधी घोटाले हुए और सीबीआई जांच भी

जेपीएससी के मेधा सूची में गड़बड़ी के आरोप पहले भी लगते रहे हैं।

नंबर देने में गड़बड़ी करने वालों की भी जांच शुरू।

छठी जेपीएससी भी मेरिट लिस्ट को लेकर विवादो मे रही।

Leave a comment

Your email address will not be published.