रायपुर । देश भर में शासकीय कर्मचारियों को वेतन-भत्ता बढोत्तरी के लिए आंदोलन करना पड़ता है। हड़ताल करना पड़ता है, लेकिन जब बात मंत्री-विधायकों के वेतन बढ़ोत्तरी की बात आती है, तो ना हड़ताल की जरूरत होती है और ना ही आंदोलन करने की नौबत आती है। छत्तीसगढ़ में भी ऐसा ही कुछ हुआ है। छत्तीसगढ़ में कर्मचारी महंगाई भत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए हड़ताल पर है, इधर मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक वेतन बढ़ाने का आदेश हो गया। आज सदन में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष से लेकर विधायक तक के वेतन-भत्ता में बढ़ोत्तरी का विधेयक पास हो गया।

विधेयक के पास होते ही छत्तीसगढ़ में विधायक-मत्रियों वेतन भत्ता बढ़ गया है। वेतन-भत्ता संशोधन विधेयक सदन में पेश किया गया था, जिसके तहत अब अब मंत्री से लेकर विधायक तक का वेतन बढ़ गया है। अब विधानसभा अध्यक्ष को वेतन-भत्ता 1.32 लाख से बढ़कर कुल 1 लाख 95 हजार रूपये हो गया है। नये वेतन भत्ते में जिसमें 30 हजार रूपये वेतन, 73 हजार निर्वाचन भत्ता, 3000 रूपये दैनिक भत्ता प्रतिदिन के हिसाब से मिलेगा। वहीं उपाध्यक्ष का वेतन 1 लाख 80 हजार रूपये होगा। उपाध्यक्ष का वेतन 28 हजार रूपये होगा, वहीं निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 68 हजार और दैनिक भत्ता 2800 रूपये प्रतिदिन होगा।

वहीं अगर मुख्यमंत्री के वेतन व भत्ते की बात करें तो मुख्यमंत्री का वेतन 1 लाख बढ़ गया है। मुख्यमंत्री को पहले 1.05 लाख वेतन-भत्ता मिला करता था, लेकिन अब वो 2 लाख 5 हजार रुपये मिलेगा। वहीं मंत्री का वेतन प्रतिमाह भत्ता अब 1 लाख 30 रूपये बढ़कर 1 लाख 90 हजार रूपये हो जायेगा, मतलब मंत्रियों का वेतन 60 हजार रुपये बढ़ गया है। मुख्यमंत्री की बात करें को मुख्यमंत्री को प्रतिमाह 50 हजार रूपये वेतन मिलेगा, जबकि मंत्री का वेतन 45 हजार रूपये होगा। मुख्यमंत्री को प्रतिदिन 2500 रूपये एलाउंस और मंत्री को भी 2500 रूपये प्रतिदिन एलाउंस मिला करेगा। मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता प्रमाह 80 हजार रूपये होगा। वहीं मंत्री का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 70 हजार रूपये होगा।

वहीं नेता प्रतिपक्ष का वेतन-भत्ता प्रतिमाह 1 लाख 30 हजार रूपये से बढ़कर 1 लाख 90 हजार रूपये होगा। नेता प्रतिपक्ष को 30 हजार रुपये सैलरी, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 70 हजार और दैनिक भत्ता 3000 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलेगा।

विधानसभा उपाध्यक्ष का वेतन 1 लाख 28 हजार रूपये से बढ़कर 1 लाख 80 हजार रूपये हो जायेगा।

वहीं विधायकों को वेतन भत्ता सहित प्रतिमाह 1 लाख 60 हजार रूपये मिलेगा। पहले विधायकों को 95 हजार रूपये वेतन और भत्ता मिलाकर मिलता था। विधायकों को हर माह वेतन 20 हजार रूपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 55 हजार, टेलीफोन भत्ता 10 हजार, दैनिक भत्ता 2 हजार रूपये प्रतिदिन और चिकित्सा भत्ता 15 हजार रूपये प्रतिमाह मिलेगा।

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