झारखंड क्या बंगाल में आयी बाढ़ के लिए जिम्मेदार? हिमंता विश्व सरमा बोले, ‘दीदी का सम्मान, लेकिन ये स्वीकार नहीं’, ममता के दावे पर हिमंता ने सुनाई खरी-खरी

Flood News: हिमंता विस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल में आई बाढ़ पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दावे को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं, लेकिन इस तरह की धारणा वह स्वीकर नहीं कर सकते हैं। दरअसल ममता बनर्जी ने कहा था कि झारखंड से अचानक पानी छोड़े जाने की वजह से बाढ़ आई है।
Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma tweets, “I respect Didi, but I cannot accept her belief that the Jharkhand government is responsible for the floods in West Bengal. Both governments should work together to reduce the hardships of the people. Every year, water coming from… pic.twitter.com/dxzWihHkCF
— ANI (@ANI) August 4, 2024
ममता ने कहा था कि उन्होंने इस विषय पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी चर्चा की है। ममता बनर्जी ने रविवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘अभी-अभी मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जी से बात की और उनसे बाढ़ की उभरती स्थिति पर चर्चा की। मैंने उनसे तेनुघाट से अचानक और भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के मामले पर चर्चा की, जिससे पहले ही बंगाल में बाढ़ आनी शुरू हो गई है।’
ममता ने लिखा, ‘मैंने उनसे (हेमंत सोरेन से) कहा कि झारखंड का पानी बंगाल में बाढ़ ला रहा है और यह मानव निर्मित है। मैंने उनसे अनुरोध किया कि कृपया इस बात का ध्यान रखें। इस बीच मैं स्थिति पर नजर रख रही हूं और मैंने दक्षिण बंगाल के साथ-साथ उत्तरी बंगाल के सभी संबंधित डीएम से बात की है। मैंने डीएम को विशेष रूप से सतर्क रहने और अगले 3/4 दिनों में आपदा की स्थिति का उचित ध्यान रखने को कहा है। मैंने उनसे सभी एहतियाती कदम उठाने को कहा ताकि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो।
ममता के इस दावे का असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंत बिस्वा ने विरोध किया है और कहा कि प्राकृतिक आपदा के लिए किसी राज्य को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने ममता बनर्जी के बयान पर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा, ‘मैं दीदी का सम्मान करता हूँ, लेकिन मैं उनकी इस धारणा को स्वीकार नहीं कर सकता कि झारखंड सरकार पश्चिम बंगाल में आई बाढ़ के लिए जिम्मेदार है। दोनों सरकारों को लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।’









