झारखंड : रिम्स में निजी एंबुलेंसों की ‘मनमानी’ पर लगेगा लगाम…बनेगा डिजिटल डेटाबेस, बिना लाइसेंस वाली गाड़ियां होंगी जब्त

अव्यवस्था पर रोक के लिए बड़ा फैसला

रांची स्थित रिम्स परिसर में लंबे समय से चल रही निजी एंबुलेंसों की अनियमितता और अव्यवस्था को देखते हुए प्रबंधन ने अब कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब हर एंबुलेंस की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

हर एंबुलेंस का बनेगा पूरा रिकॉर्ड
रिम्स परिसर में संचालित सभी एंबुलेंस का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा। इसमें उनके संचालन, मालिकाना हक और गतिविधियों की पूरी जानकारी शामिल होगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

बिना लाइसेंस एंबुलेंस पर सख्त कार्रवाई
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जिन एंबुलेंस के पास वैध कमर्शियल लाइसेंस नहीं होगा, उनके खिलाफ संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई तय मानी जाएगी।

अनैतिक गतिविधियों पर भी नजर
अस्पताल प्रशासन को आशंका है कि कुछ एंबुलेंस के जरिए अनैतिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई और अनुमति रद्द करने तक के कदम उठाए जाएंगे।

साइलेंस जोन नियमों का सख्ती से पालन
रिम्स को साइलेंस जोन घोषित किया गया है, इसलिए सभी एंबुलेंस चालकों को निर्देश दिया गया है कि परिसर में प्रवेश के बाद सायरन का प्रयोग न करें। इसका उद्देश्य मरीजों और परिजनों को अनावश्यक शोर से बचाना है।

पार्किंग व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी
अस्पताल परिसर में वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग को सुधारने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अलग अलग वाहनों के लिए तय पार्किंग जोन बनाए जाएंगे।

भीड़ और शोर से मिलेगी राहत
इन कदमों के बाद उम्मीद है कि रिम्स परिसर में भीड़, शोर और अव्यवस्था में कमी आएगी और मरीजों को बेहतर और शांत माहौल मिल सकेगा।

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