Jharkhand Excise Constable Exam Paper Leak: ‘उत्पाद सिपाही परीक्षा में ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को ठेका’, पेपर लीक को लेकर भाजपा हुई आक्रामक, 3 साल की सभी परीक्षाओं की CBI जांच की मांग

Jharkhand Excise Constable Exam Paper Leak: 'Contract for Excise Constable Exam Awarded to Blacklisted Agency'—BJP Goes on the Offensive Over Paper Leak, Demands CBI Probe into All Exams Conducted Over the Last Three Years.

झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोप को लेकर बीजेपी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग करते हुए कहा है कि पिछले तीन वर्षों में लगभग सभी परीक्षाएं विवादों में रही हैं।

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रांची। भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। गुरुवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंे आयोजित प्रेस वार्ता में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया गया।विधानसभा के मुख्य सचेतक सह हटिया विधायक नवीन जायसवाल और प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

 

“यह पहली घटना नहीं, हर परीक्षा में विवाद”

नवीन जायसवाल ने कहा कि 12 अप्रैल को आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद की सरकार के दौरान आयोजित लगभग सभी परीक्षाएं विवादों में रही हैं।उन्होंने पिछले तीन वर्षों में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराने की मांग की।

 

जायसवाल के अनुसार, परीक्षा से एक दिन पहले तमाड़ में 179 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था, जो कथित रूप से पेपर लीक से जुड़े हुए थे।उन्होंने यह भी दावा किया कि इन आरोपितों के साथ एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सरगना अतुल वत्स भी गिरफ्तार हुआ है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

 

“प्रश्न पत्र प्रिंटिंग सेंटर से लीक हुआ”

बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में पेपर लीक से इनकार कर रहा है, जबकि स्थानीय थाना प्रभारी ने खुद माना है कि प्रश्न पत्र प्रिंटिंग सेंटर से ही चोरी कर अभ्यर्थियों में बांटा गया था।

उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि परीक्षा संचालन के लिए किस एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई थी। बीजेपी का दावा है कि यह एजेंसी बिहार में ब्लैकलिस्टेड है और उसके खिलाफ पहले से ही मामले दर्ज हैं।

 

पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि इस केस में पुलिस ही सूचक (complainant) भी है और गवाह (witness) भी, जो जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड हाई कोर्ट ने भी पुलिस के इस रवैये पर नाराजगी जताई है। मंडल ने आरोप लगाया कि कहीं न कहीं राज्य सरकार और प्रशासन इस मामले में सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

आंदोलन की चेतावनी

बीजेपी ने साफ कहा है कि यदि सरकार इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाती और CBI जांच की मांग को नहीं मानती, तो पार्टी सड़कों से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी।पार्टी नेताओं का आरोप है कि इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर “seat manipulation” और बंदरबांट हुआ है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है।

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