झारखंड : हजारीबाग में पुलिसकर्मियों पर वेतन संकट, दो महीने से भुगतान नहीं होने से बढ़ी परेशानी…सामने आई बड़ी समस्या
झारखंड पुलिस एसोसिएशन की पहल, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

झारखंड के हजारीबाग सहित पूरे राज्य में पुलिसकर्मियों के सामने वेतन को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है। इस महीने अब तक वेतन जारी नहीं होने से आर्थिक दबाव बढ़ गया है। हालात को देखते हुए झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल वेतन निर्गत करने की मांग की है।
कनीय और सहायक अवर निरीक्षकों की हालत सबसे ज्यादा प्रभावित
एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडे ने पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान खासतौर पर कनीय अवर निरीक्षक और सहायक अवर निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों की ओर दिलाया है। उन्होंने बताया कि इन वर्गों के कर्मचारी सबसे ज्यादा आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
दो महीने से वेतन नहीं, रोजमर्रा की जरूरतें भी मुश्किल
पत्र में बताया गया है कि फरवरी माह का वेतन आयकर और अन्य कटौतियों में ही समाप्त हो गया, जबकि मार्च का वेतन अब तक नहीं मिला है। लगातार दो महीने से वेतन न मिलने के कारण पुलिसकर्मियों के सामने रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी कठिन हो गया है।
परिवारों पर पड़ा सीधा असर, फीस और ईएमआई तक अटकी
वेतन रुकने का असर अब पुलिसकर्मियों के परिवारों पर साफ दिखाई दे रहा है। बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही, बैंक की ईएमआई बाउंस हो रही है और घरों में शादी जैसे जरूरी कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। बुजुर्ग परिजनों के इलाज और दवाइयों पर भी असर पड़ रहा है।
कामकाज और मनोबल पर असर, बढ़ सकता है असंतोष
एसोसिएशन ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि आर्थिक और मानसिक दबाव के बीच पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। इससे विभाग के भीतर असंतोष और कार्यकुशलता पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
ट्रेजरी जांच के नाम पर वेतन रोकना गलत, तुरंत जारी हो भुगतान
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि ट्रेजरी से जुड़ी किसी भी प्रकार की जांच चल रही है तो उसे निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाए, लेकिन इसके कारण निम्न वेतनभोगी कर्मचारियों का वेतन रोकना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से तत्काल वेतन जारी करने का आदेश देने की मांग की है, ताकि पुलिस बल का मनोबल बना रहे और व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।









