झारखंड : रांची में टेंडर घोटाले से जुड़ा बड़ा अपडेट…मुकेश मित्तल को कोर्ट से राहत
मनी लॉन्ड्रिंग केस में स्पेशल कोर्ट का फैसला, सशरीर पेशी से मिली छूट

रांची से टेंडर घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक अहम अपडेट सामने आया है। निलंबित इंजीनियर इन चीफ वीरेंद्र राम के करीबी सहयोगी मुकेश मित्तल को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को PMLA की विशेष अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें सशरीर उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी है।
कोर्ट में पेश की गई याचिका पर मिला सकारात्मक फैसला
मुकेश मित्तल ने अदालत में आवेदन देकर व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट मांगी थी। कोर्ट ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें राहत दी, जिससे इस हाई प्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है।
ईडी की कार्रवाई में तीन सहयोगी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पहले ही वीरेंद्र राम के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। इनमें तारा चंद, नीरज मित्तल और राम प्रकाश भाटिया के नाम शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई थी।
काले धन के नेटवर्क का खुलासा, खातों के जरिए हुआ ट्रांसफर
जांच एजेंसियों के अनुसार, वीरेंद्र राम द्वारा अवैध कमाई को छुपाने के लिए जटिल नेटवर्क तैयार किया गया था। आरोप है कि काले धन को चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल के कर्मचारियों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया जाता था, जिससे उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई।
जांच जारी, आगे और खुलासों की उम्मीद
इस पूरे मामले में जांच एजेंसियां लगातार सबूत जुटा रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।









