20 साल देश की सेवा… फिर राजनीति में कदम, लेकिन आखिर किस दुश्मनी ने ले ली चंद्रनाथ रथ की जान? शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद साथी की कहानी

कोलकाता | पश्चिम बंगाल:
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सनसनी फैलाने वाली चंद्रनाथ रथ हत्याकांड ने अब कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक रहे चंद्रनाथ रथ सिर्फ एक राजनीतिक सहयोगी नहीं थे, बल्कि उन्हें पार्टी के भीतर बेहद भरोसेमंद और रणनीतिक चेहरा माना जाता था।

41 वर्षीय Chandranath Rath का जीवन राजनीति में आने से पहले पूरी तरह अलग था। वह भारतीय वायुसेना में अधिकारी रह चुके थे और करीब 20 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़ी थी।

जानकार बताते हैं कि रथ शांत स्वभाव, अनुशासन और सरल जीवन के लिए पहचाने जाते थे। पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर इलाके से आने वाले रथ रामकृष्ण मिशन के विचारों से भी काफी प्रभावित थे।

लेकिन बुधवार रात सब कुछ अचानक बदल गया।

नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में बाइक सवार हमलावरों ने उन पर बेहद करीब से फायरिंग कर दी, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और राजनीतिक तनाव फैल गया।

बीजेपी नेताओं ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश बताया है। वहीं पार्टी के कई नेताओं ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल पर आरोप लगाए हैं।

दिलचस्प बात यह भी है कि चंद्रनाथ रथ का परिवार कभी तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा रहा था। उनकी मां पंचायत स्तर पर सक्रिय थीं, लेकिन शुभेंदु अधिकारी के बीजेपी में आने के बाद उनका परिवार भी भाजपा के साथ जुड़ गया।

इसके बाद रथ तेजी से शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगियों में शामिल हो गए और चुनावी रणनीति से लेकर बड़े राजनीतिक अभियानों तक में सक्रिय भूमिका निभाने लगे।

अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जांच कर रही है, लेकिन इस हत्या ने बंगाल की राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है।

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