बंगाल में खून-खेल की वापसी? जीत के बाद सड़कों पर उतरा गुस्सा, 4 मौतों ने खड़ी की सिहराने वाली तस्वीर

चुनाव नतीजों के बाद फिर भड़की हिंसा, दफ्तरों पर हमले, आगजनी और हत्याओं से दहला राज्य—पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में

कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद एक बार फिर हिंसा की डरावनी तस्वीरें सामने आने लगी हैं। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं जैसे साल 2021 के बाद का खूनी दौर दोहराया जा रहा हो।
राज्य के अलग-अलग इलाकों से अब तक कम से कम चार लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर है, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है।


दफ्तरों पर हमले, आग और तोड़फोड़ से दहशत
नतीजों के बाद कोलकाता समेत कई जिलों में तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों पर हमले, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं।
कहीं पार्टी कार्यालयों को आग के हवाले किया गया, तो कहीं झंडे हटाकर दूसरे दलों के झंडे लगा दिए गए। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं के घरों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।

आसनसोल में एक पार्टी दफ्तर को जलाकर राख कर दिया गया, जबकि कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में बुलडोजर से तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


चार मौतों ने बढ़ाया खौफ
हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में दोनों प्रमुख दलों ने अपने-अपने समर्थकों की मौत का दावा किया है।
हावड़ा में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, न्यू टाउन में एक कार्यकर्ता की मौत, बीरभूम में एक अन्य हत्या और कोलकाता में एक शव मिलने की घटना ने हालात को और भयावह बना दिया है।

इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि सियासी टकराव अब जानलेवा रूप ले चुका है।


पुलिस सख्त, 80 से ज्यादा गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस आयुक्त Ajay Nand ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिंसा और आगजनी के आरोप में अब तक 80 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी हाल में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विजय जुलूसों को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। बिना अनुमति कोई जुलूस नहीं निकलेगा और उसमें बुलडोजर जैसी मशीनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।


चुनाव आयोग की सख्ती, लगातार निगरानी
Election Commission of India के निर्देश पर राज्य में पुलिस और केंद्रीय बल अलर्ट मोड पर हैं।
240 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई हैं और मोटरसाइकिल से लगातार गश्त की जा रही है। हालात पर नजर रखने के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने हिंसा में शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।


आरोप-प्रत्यारोप से और गरमाई सियासत
Abhishek Banerjee ने बीजेपी पर राज्यभर में हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है और दावा किया कि सैकड़ों पार्टी दफ्तरों और कार्यकर्ताओं के घरों को निशाना बनाया गया है।
वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का कोई कार्यकर्ता हिंसा में शामिल नहीं है।

बीजेपी नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी उकसावे में न आने की अपील की है।


विश्लेषकों की चेतावनी: ‘बदलाव’ कहीं ‘बदले’ में न बदल जाए
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद वर्चस्व की लड़ाई के कारण ऐसी हिंसा पहले भी देखी गई है, लेकिन इस बार केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बावजूद हालात बिगड़ना चिंता का विषय है।


डर का साया अभी बाकी…
राज्य में फिलहाल हालात नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है, लेकिन जिस तरह से हिंसा ने रफ्तार पकड़ी है, उसने आम लोगों के मन में डर बैठा दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह आग जल्द थमेगी या बंगाल फिर एक लंबे हिंसक दौर की ओर बढ़ रहा है?

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