गढ़वा।… तो क्या आदमखोर बन चुके तेंदुआ को गोली मार दी जायेगी?…क्या वन विभाग तेंदुआ को लेकर इस विकल्प पर विचार कर रहा है?…ये खबरें अब सामने आ रही है। खबर है कि गढ़वा वन विभाग आदमखोर बन चुके तेंदुए को मारने पर विचार कर रहा है। इसके लिए विभाग ने उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी है। इस इलाके में तेंदुए ने अब तक तीन दो बच्चों को मार डाला है। दो बच्चियों पर हमला किया लेकिन ग्रामीणों की जागरूकता की वजह से इनकी जान बच गयी और सबसे ताजा घटना में एक बछड़े पर तेंदुए ने हमला कर दिया था जिसे भी ग्रामीणों ने शोर मचाकर सुरक्षित बचा लिया । गढ़वा में दो और लातेहार में एक बच्चा तेंदुए का शिकार बना। वन विभाग पिछले कई दिनों से तेंदुए को पकड़ने की कोशिश में लगा है। उत्तराखंड से विशेष टीम बुलाई गयी है जो इसमें सहयोग कर रही है।

वन विभाग के मुताबिक इलाके में तेंदुए पर नजर रखने के लिए कई कैमरे लगाए हैं। हम उसके पद चिन्ह की भी पहचान कर रहे हैं। इलाके में क्या एक ही तेंदुआ है या इससे ज्यादा है? इसे लेकर विभाग वन विभाग आंकड़े जुटा रहा है। जानकारी क मुताबिक तेंदुआ तेजी से इलाके में मूव कर रहा है। इसका रेडियस 60 से 70 किमी है। हम इलाके में लोगों को जागरूक कर रह हैं। वन विभाग ने इस मामले में दिशा निर्देश जारी किया है। तेंदुए मजबूरी में शिकार कर रहे हैं या उन्हें इंसान की हत्या करने की लत लग गयी है। इसे लेकर भी वन विभाग उलझा हुआ है। फिलहाल विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन की कमी या भोजन की तलाश में वो लोगों पर हमला कर रहा है।

हालांकि वन विभाग तेंदुआ को मारने को लेकर खुलकर बात नहीं कर रहे हैं अधिकारियों का कहना है कि अभी अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहले उसे पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है।अभी कई और तरीके अपनाए जा रहे हैं। फिलहान वन विभाग तेंदुआ को पकड़ने की तैयारी कर रहा है।