बैंग्लोर: हाई कोर्ट में एक शख्स ने कथित तौर पर मुख्य न्यायाधीश के सामने ही चाकू से अपना काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। मामला कर्नाटक हाईकोर्ट का है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उस शख्स को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। अब तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि उसने ये खतरनाक कदम क्यों उठाया है।

पुलिस की ओर से दिए गए बयान के मुताबिक, मैसुरु के रहने वाले श्रीनिवास ने अदालत कक्ष संख्या-1 के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मचारियों को एक फाइल सौंपी। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, उसने मुख्य न्यायाधीश अंजारिया की उपस्थिति में अपना गला काटने का प्रयास किया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल श्रीनिवास को बोरिंग अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारी ने कहा है कि हमें नहीं पता कि उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। हमारे सुरक्षा कर्मचारियों ने देखा और तुरंत उसे बचाया। वह अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने बताया है कि उन्हें मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस शख्स द्वारा किए गए आत्महत्या के प्रयास के कारण का पता लगा रही है। डॉक्टरों द्वारा उसे स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद पुलिस उसका बयान दर्ज करेगी।

कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश निलय विपिनचंद्र अंजारिया ने भी कोर्ट परिसर में हुई सुरक्षा चूक को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सवाल किया कि वह शख्स अदालत के अंदर एक धारदार वस्तु लाने में कैसे कामयाब रहा। मुख्य न्यायाधीश ने पुलिस को घटनास्थल का पंचनामा करने का भी आदेश दिया और उनसे चाकू को नहीं छूने को कहा है। शख्स ने सुरक्षा कर्मचारियों को जो फाइल दी थी उसकी सामग्री अज्ञात है। कोर्ट ने कहा है कि वह दस्तावेजों की जांच नहीं करेगी क्योंकि इसे किसी नामित वकील द्वारा अदालत में प्रस्तुत नहीं किया गया। हाई कोर्ट ने ये भी कहा कि अधिकारियों को अदालत के आदेश के बिना कोई भी दस्तावेज प्राप्त नहीं करना चाहिए।

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