लखनऊ । राज्य सरकार के एक फरमान ने कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है। राज्य सरकार ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि जो भी कर्मचारी ननपरफॉर्मिंग होगा, उसे जबरिया रिटायर कर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इसे लेकर एक टीम भी बना दी है, जो कर्मचारियों की स्क्रूटनी कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में कई कर्मचारियों को राज्य सरकार नौकरी से बर्खास्त कर सकती है। योगी सरकार के इस रुख के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

कर्मचारी वर्ग इसलिए भी दहशत में है, क्योंकि उन्हें आशंका है कि यूपी की तर्ज पर अन्य राज्यों में भी यह नियम लागू ना हो जाए। अभी तक की जो तैयारी है, उसके मुताबिक 50 साल से ज्यादा उम्र वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को जबरिया रिटायर कर दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक कर्मचारियों के परफॉर्मेंस को टटोलने के लिए अधिकारियों की अलग-अलग स्तर पर टीम बनाई गई है, जो कर्मचारियों के सर्विस बुक और सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके अलावा वैसे कर्मचारियों के आरोपों में घिरे हैं या अलग-अलग वजहों से सस्पेंड या बर्खास्त हो चुके हैं, उनके भी सर्विस रिकार्ड का आकलन किया जायेगा।

उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर राज्य सरकार की नजर है जो भ्रष्टाचार, गंभीर बीमारी, काम नहीं करने वाले और अलग-अलग जांच में फंसे हैं। स्क्रीनिंग कमेटी वैसे कर्मचारी, जिन्होंने 31 मार्च 2022 को 50 साल की आयु पूरी कर ली है, उनकी सूची तैयार करेगी और फिर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। 31 जुलाई तक विभागों की तरफ से जबरिया रिटायर करने की कार्रवाई पूरी करने के बाद कार्मिक विभाग को अपनी रिपोर्ट देनी है।

सबसे ज्यादा नजर पुलिस और शिक्षा विभाग पर

पिछले कार्यकाल में भी योगी सरकार ने निकम्मा और भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की थी। पिछले कार्यकाल में 650 कर्मचारी बर्खास्त किये गये थे। उनमें सबसे ज्यादा 450 सिर्फ पुलिस विभाग से थे, वहीं 200 से ज्यादा अन्य विभाग के कर्मचारी-अधिकारी थे। इस बार सबसे ज्यादा नजर पुलिस और शिक्षा विभाग पर है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद अब बर्खास्तगी के लिए कर्मचारियों-अधिकारियों की लिस्ट तैयार होने लगी है।

पुलिस विभाग में भी जारी हो चुका है निर्देश

इससे पहले यूपी में डीजीपी मुख्यालय ने 11 जनवरी और 2 फरवरी 2022 को भी इस संबंध में आदेश जारी किया था। इस संबंध में कार्रवाई डीजी, एडीजी सतर्कता, एसआईटी, शिष्टाचार निवारण संगठन और सहकारिता सहित अन्य जोनल स्तर पर किया जाना है। आपको बता दें कि कर्मचारियों पर इस तरह के जबरिया रिटायर करने की कार्रवाई अन्य राज्यों में भी होती रही है। दिल्ली में भी जबरिया रिटायर करने की कार्यवाही लगातार चलती रहती है। हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ में भी कई सारे अधिकारियों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को जबरिया सेवानिवृत्त कर दिया गया था, लेकिन जिस तरह के आदेश यूपी में जारी किए गए हैं उसने कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है।

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