मुंबई। ….तो मशहूर सिंगर केके की जान बच जाती। सिंगर केके की आटोप्सी रिपोर्ट बताती है कि उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई है। हालांकि उन्हें समय रहते CPR दे दिया जाता, तो उनकी जान बच जाती। 31 मई की रात जाने माने सिंगर केके उर्फ कृष्ण कुमार कुन्नथ का निधन हो गया। अभी तक जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि सिंगर को हार्ट ब्लाकेज की समस्या थी। पुलिस को डाक्टरों की टीम ने आटोप्सी रिपोर्ट सौंपी है।

कोलकाता के नजरूल मंच पर परफार्म करते हुए सिंगर की तबीयत बिगड़ गयी थी, जिसके बाद उन्हें होटल ले जाया गया, लेकिन उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं दिखा तो हास्पीटल ले जाया गया, रास्ते में ही सिंगर केके ने दम तोड़ दिया।

डाक्टरों ने क्या कहा

डाक्टरों के मुताबिक ऑटोप्सी रिपोर्ट में केके के लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी में काफी ब्लाकेज मिली है। बाकी के आर्टरीज और सब आर्टरीज में कहीं-कहीं ब्लाकेज पायी गयी है। लाइव शो के दौरान परफार्म करते हुए एक्साइमेंट के चलते आर्टरीज ने ब्ल्ड फ्लो करना बंद कर दिया जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। अगर सिंगर को उसी दौरान सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) दे दिया जाता तो उसकी जान बच जाती। सिंगर को हार्ट की समस्या काफी पहले से से थी, जो उन्हें पता नहीं था।

डाक्टरों के मुताबिक सिंगर केके को लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी में 80 प्रतिशत ब्लाकेज थी. मंगलवार को लाइव परफार्मेंस के दौरान सिंगर चल रहे थे और क्राउट के साथ डांस कर रहे थे। जिसकी वजह से उनमें एक्साइमेंट काफी बढ़ गया था। दिल ने ब्लड फ्लो कम कर दिया, जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आ गया। हार्ट बीट भी अचानक से कम हो गयी । केके बेहोश होने लगे, उन्हें सीपीआर दे दिया जाता तो उनकी जान बच जाती।

डाक्टरों ने ये भी बताया कि केके पिछले कुछ समय से एंटासिड्स पर थे। दर्द की शिकायत होने पर उन्होंने एंटासिड्स लेनी शुरू की होगी। उन्हें लगा होगा कि कुछ डायजेस्टिव प्राब्लम है। लेकिन असल में उन्हें हार्ट ब्लाकेज थी। केके की पत्नी ने भी बताया कि उन्हें फोन पर सिंगर ने कहा था कि उन्हें कंधों और हाथ में कुछ दर्द हो रहा है। केके के कमरे से गैस्ट्रिक, लीवर और विटामीन की टेबलेट के साथ-साथ कुछ आर्युवेदिक और होम्योपैथिक दवाएं मिली है।

जिस दिन केके की मौत हुई, उस दिन सुबह से ही वो अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे। कोलकाता पुलिस के मुताबिक केके सोफा के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पहुंच नहीं पाये और गिर पड़े। इसी दौरान सोफा के कार्नर से उन्हें चोट लगी। मैनेजर ने होट्ल के एक स्टाफ की मदद से उन्हें उठाया और फिर तत्काल अस्पताल ले गये, जहां उनकी मौत हो गयी।

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