चालाक नौकरानी का काला खेल: 15 बैंक अकाउंट्स में छुपाए चोरी के गहने, ऐसे देती थी वारदात को अंजाम
शालीमार बाग पुलिस ने किया खुलासा, गोल्ड लोन के जरिए करोड़ों के जेवर गायब, परिवार की भूमिका भी जांच के घेरे में

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर नौकरानी ने चोरी के गहनों को छुपाने के लिए ऐसा जाल बिछाया कि पुलिस भी हैरान रह गई। शालीमार बाग थाना पुलिस ने 45 वर्षीय सोनिया नाम की महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी किए गए गहनों को गोल्ड लोन अकाउंट्स में जमा कर उन्हें कानूनी रूप देने की कोशिश की।
जांच में सामने आया है कि सोनिया ने कुल 15 गोल्ड लोन अकाउंट्स खुलवाए थे। इनमें से कुछ उसके अपने नाम पर थे, जबकि बाकी उसकी मां मल्लिका, बहन मंजू और बेटी सुनीता के नाम पर खोले गए थे। इन खातों में चोरी के गहनों को गिरवी रखकर वह बैंकों से लोन लेती थी, ताकि किसी को भी शक न हो।
पुलिस के अनुसार, सोनिया दोपहर के समय बड़े-बड़े कोठियों वाले इलाकों में जाकर काम मांगती थी। वह वहां मौजूद गार्ड और घरेलू नौकरानियों से संपर्क करती और दो-तीन दिन के लिए काम पकड़ लेती। इसके बाद मौका मिलते ही घर से कीमती गहने और नकदी चुराकर फरार हो जाती थी।
शालीमार बाग और मौर्या एंक्लेव इलाके में उसने कई घरों को निशाना बनाया। मौर्या एंक्लेव निवासी राजकुमार मनचंदा के घर से वह करीब एक लाख रुपये नकद और 85 ग्राम सोने-हीरे के गहने लेकर भाग गई। वहीं, शालीमार बाग निवासी विजयपाल गुप्ता के घर से उसने करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गहने और नकदी पार कर दी।
दोनों मामलों में एक बड़ी लापरवाही सामने आई—घर मालिकों ने नौकरानी का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। सोनिया पहचान पत्र मांगने पर लगातार बहाने बनाकर समय टालती रही और इसी दौरान उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को CCTV फुटेज से अहम सुराग मिला, जिसमें सोनिया वारदात के बाद एक ऑटो में बैठकर जाती दिखाई दी। पुलिस ने ऑटो चालक तक पहुंच बनाकर लोकेशन ट्रेस की और आखिरकार सोनिया को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जिन बैंकों से सोनिया ने गोल्ड लोन लिया, उन्होंने गहनों के स्रोत की कभी सही तरीके से जांच नहीं की। सोनिया ने सादे कागज पर गहनों को “पुश्तैनी” बताकर लोन हासिल किया और चोरी के जेवरों को आसानी से बैंक में गिरवी रखती रही।
अब पुलिस ने संबंधित बैंकों को नोटिस जारी कर उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के तहत यह भी जांच की जा रही है कि क्या बैंकों ने लोन देने से पहले जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया था या नहीं।
फिलहाल पुलिस सोनिया के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका रही।









