भक्ति के नाम पर बड़ा खेल…प्रदीप मिश्रा की कथा के नाम पर 21 लाख की महाठगी…उड़े सबके होश
A Massive Racket in the Name of Devotion... A Grand Fraud of ₹21 Lakhs Under the Guise of Pradeep Mishra's Discourse... Leaving Everyone Stunned.

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा आयोजित कराने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। भोलेनाथ सेवा समिति अंबागढ़ चौकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दिनेश साहू के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सामने आने के बाद इलाके में चर्चा और नाराजगी का माहौल है।
कथा आयोजन का भरोसा देकर लिए 21 लाख रुपये
समिति पदाधिकारियों के अनुसार ग्राम हालेकोसा निवासी दिनेश साहू ने दावा किया था कि वह 8 से 14 मई 2026 के बीच अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा आयोजित करवाएगा।
आरोप है कि इसी भरोसे पर आरोपी ने समिति से दो अलग-अलग किश्तों में कुल 21 लाख रुपये नकद लिए। पहली बार 24 फरवरी को 5 लाख रुपये दिए गए, जबकि दूसरी किश्त 11 मार्च को 16 लाख रुपये की दी गई।
समिति का कहना है कि आरोपी ने खास तौर पर रकम नकद में देने की शर्त रखी थी।
भव्य तैयारी के बाद खुला पूरा खेल
कथा आयोजन को लेकर समिति ने बड़े स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। क्षेत्र में बैनर और पोस्टर लगवाए गए, पंपलेट बांटे गए और कई जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों को निमंत्रण भी भेजे गए।
लेकिन पूरा मामला तब सामने आया जब टीवी चैनलों के जरिए जानकारी मिली कि 5 से 11 मई तक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा झारखंड के रांची में आयोजित होने वाली है।
इसके बाद समिति के सदस्य सच्चाई जानने मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित गोपेश्वर धाम पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि अंबागढ़ चौकी में किसी कथा आयोजन के लिए न तो आधिकारिक बुकिंग हुई थी और न ही किसी प्रकार का भुगतान दर्ज था।
झूठे वादे कर रकम हड़पने का आरोप
समिति पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि दिनेश साहू ने झूठी जानकारी देकर उन्हें गुमराह किया और बड़ी रकम अपने कब्जे में ले ली। बाद में पैसे वापस करने का भरोसा भी दिया गया, लेकिन रकम लौटाई नहीं गई।
जब लगातार टालमटोल होने लगी तो समिति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
छुरिया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब पूरे लेनदेन, नकद भुगतान और कथित धोखाधड़ी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
धार्मिक आस्था के नाम पर ठगी से लोगों में नाराजगी
घटना सामने आने के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं और कथा आयोजन जैसे पवित्र विषय के नाम पर इस तरह की ठगी बेहद गंभीर और शर्मनाक है।
फिलहाल पुलिस आरोपी की भूमिका और पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।









