पटेल सेवा संघ तथा सिविल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में मराठा नरेश छत्रपति शिवाजी महाराज की 393 वीं जयंती मनाई गई

दुमका। वीर छत्रपति शिवाजी महाराज के जयंती पर आज दिनांक 19 फरवरी को सिविल सोसाइटी एवं पटेल सेवा संघ के संयुक्त तत्वावधान में सचिव संदीप कुमार जय बमबम के नेतृत्व में दुमका के सरदार पटेल चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर महानायक को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
माॅ॑ भवानी के उपासक छत्रपति शिवाजी महाराज जी के तैल्यचित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर संघ व सोसायटी के सदस्यों तथा युवा साथियों ने छत्रपति शिवाजी अमर रहे, जय भवानी आदि नारों से जयकारा लगाया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बारी-बारी से छत्रपति शिवाजी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने धर्म तथा साम्राज्य की रक्षा करने वाले एक कुशल शासक, सैन्य रणनीतिकार, एक वीर योद्धा, सभी धर्मों का सम्मान करने वाले थे। शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को पुणे के पास स्थित शिवनेरी के दुर्ग में हुआ था। इन्होंने ने ही मराठा साम्राज्य की नींव रखी। मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज एक महान् योद्धा के साथ एक कुशल शासक भी थे।
गुरिल्ला युद्ध के जनक छत्रपति शिवाजी को इस युद्ध में महारत हासिल थी। इन्होंने मुगलों के खिलाफ कई जंग लड़ी और मुगलों सहित अपने सभी विरोधी सेनाओं को युद्ध में धूल चटाई। शिवाजी महाराज अपनी अद्भुत रणनीति, उत्कृष्ट नेतृत्व गुण के कारण जाने जाते थे। उनकी वीरता, रणनीति और नेतृत्व क्षमता के चलते ही उन्हें ‘छत्रपति’ की उपाधि मिली थी। उन्होंने एक मजबूत मराठा साम्राज्य राज्य की नींव रखी।
छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाने की शुरुआत साल 1870 में पुणे में महात्मा ज्योतिराव फुले द्वारा की गई थी। उन्होंने ही रायगढ़ में शिवाजी की समाधि की खोज की थी। इसके बाद शिवाजी की जयंती को आगे मनाने की परंपरा गंगाधर तिलक ने जारी रखी। बाल गंगाधर तिलक ने वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की छवि और इनकी वीर गाथा के जरिए लोगों का हिम्मत बढ़ाकर उन्हें अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट कर आजादी की महत्वपूर्ण लड़ाईयां लड़ी। लोगों में हिम्मत बढ़ाने के लिए उनकी वीरता काफी काम आईं थी। इसी कारण हर साल छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जाती है। शिवाजी महाराज का मुख्य नारा था जय भवानी और हर-हर महादेव।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सिविल सोसायटी दुमका के अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, प्रो०विनय कुमार सिन्हा,उपाध्यक्ष प्रदीप्त मुखर्जी,वरिष्ठ पत्रकार गौतम कुमार, सच्चिदानंद संतोषी,अरूण कुमार सिन्हा,अमित कुमार,पवन कुमार,ऋषभ राज, रोहित अम्बष्ट,विशाल राउत,रोहित प्रत्येय,अंकित राउत, अंकुश राउत,शिवम् वर्मा,गौरव कुमार,पियुष बैरा,समीर पंडित,रांची राज,मो०आबु,रितेश कुमार, रोहित यादव आदि मौजूद रहकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।









