गोड्डा जिला संयोजक डॉ. सुमन ने 26 जून को बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में सम्पन्न हुई पेंशन जयघोष महासम्मेलन में शामिल हुए सभी NPS कर्मियो के प्रति आभार जताया है।

आपको बता दे की जब से महासम्मेलन की आगाज हुई थी गोड्डा जिला के संयोजक डॉ सुमन के नेतृत्व में NPS कर्मियो की तैयारी जोरों पर थी। स्टेडियम में अपनी जोरदार धमक, आकर्षक प्रवेश ,ढोल – नगाड़े ,जोरदार जयघोष, NPS कर्मियो का नृत्य से स्टेडियम में उपस्थित सभी NPS कर्मियो को उत्साह से भर दिया।स्टेडियम में उपस्थित सभी NPS कर्मियो ने तालियों की गड़गड़ाहट से गोड्डा जिले की टीम का स्वागत किया।

पेंशन जयघोष महासम्मेलन की समाप्ति पर डा सुमन पत्र द्वारा शामिल सभी NPS कर्मियो के प्रति आभार जताया है एवम धन्यवाद दिया।

उन्होंने अपने पत्र में कहा है की….


मैं आपकी गाथा की शुरुआत कहां से करु और कहां अन्त, समझ से पड़े हैं। उन चंद घंटों में 08.00 बजे से 10.00 बजे सबेरे तक संवाद हीनता से पैदा हुई परेशानी की व्यथा को शब्दों में व्यक्त करना कतई संभव नहीं है। इन क्षणों के लिए मैं किसी को दोषी ठहराना लाजमी नहीं समझता, बल्कि मैं खुद अपने को दोषी मानता हूं। मैं साधन और साध्य को भी इसका कारण नहीं मानता बल्कि उस कठिन क्षण के लिए, मैं आपसे क्षमा प्रार्थी का गुहार लगाता हूं। यहां के लोगों का हृदय इतना विशाल है कि मुझे उम्मीद कि जिसे आप दिलों से बेपनाह मोहब्बत करते है, उसे आप क्षमा कर देंगे। क्योंकि मेरा वजूद केवल और केवल आपके सहयोग कर टिका है।


फिर जैसे ही आपका सानिध्य प्राप्त हुआ। वहीं जुनून , जोश, जजवा, उमंग , उत्साह से लवरेज होकर कूच कर गए मैदान की ओर। नृत्य, संगीत, ढोल-नगाड़े की थाप पर थिरकते NPS कर्मियों ने शमा बांध दिया। फिर चारों दिशाऐं इन्कलाबी नारों से गूंज उठा। सभी खड़ा होकर गोड्डा जिला का स्वागत तालियों की थाप से की। पूरा स्टेडियम “गोड्डा जिला जिन्दाबाद” की नारों से गूंज उठा। यह सभी मेरे कारण नहीं, बल्कि आपके कारणों से हुआ ।सारे दुःख छूमंतर हो गया फिर गगनभेदी नारों से इजाज हुआ कार्यक्रम का।


इन अपार उपस्थिति एवं जनसैलाब के लिए मैं सबसे पहले “मेहरमा” प्रखंड का शुक्र गुजार हूं, जिन्होंने चंद दिनों में उस बुंलदियों को हासिल किया जिससे वे आम से खास का दर्जा प्राप्त कर लिया। मेहरमा प्रखंड के नव-मनोनीत प्रखंड संयोजक -श्री विष्णु कांत मिश्र, श्री रजनीश आनन्द एवं उनके जोशिले टीमों ने विजय पताका फहराकर रांची में अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज की।


इसके बाद “ठाकुर गंगटी” प्रखंड के नेतृत्ववान युवा साथी जो “निंद से हुंकार” भरते हुए जगा और “रांची चलो” का नारा बुलंद करते हुए निकल पड़े अपने भविष्य को संवारने के लिए — रांची। इन जुझारु नेतृत्वकर्ता प्रखंड संयोजक– श्री पियूष कुमार ठाकुर, श्री गिरजा शंकर सिंह एवं उनके टीम को तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं।


अब बंसतराय प्रखंड का अतिउत्साहित, युवा जोश से लोगों को प्रभावित करने वाले प्रखंड संयोजक -मो० मुजफ्फर इकबाल साहेब, श्री रामाकांत सिंह एवं उनके टीम ने हजार बाधाओं को दूर करते हुए कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास सराहनीय है। इन सबों को मैं सलाम पेश करता हूं।

बोआरीजोर” प्रखंड के प्रखंड संयोजक –श्री निर्मल कुमार भगत ,जो दुर्घटना से पीड़ित होकर बेड रेस्ट में रहने के बाबजूद भी अपनी अनुपस्थिति में तीन लोगों का टिम —(1) श्री राजेश कुमार गुप्ता (2) मो०अब्दुला अंसारी (3) श्री सुदीप प्रसाद ठाकुर तथा इनके बीच समन्वय स्थापित कर डीडीओ श्री मिहीर मंडल जो पुरानी पेंशन से अच्छादित रहते हुए भी NPS कर्मियों को साथ लेकर रांची के लिए कूच किए। इन सबों को हृदय से आभार तथा अभिनंदन व्यक्त करता हूं।

अब शुक्रिया अदा करने का बारी उन प्रखंड का है,जो जमाना से मजबूत स्तंभ की तरह खड़ा है, जिन्होंने कितने जलजले और आंधियों में भी टिके रहकर गगनचुंबी इमारत की तरह अडिग है।

मो०अब्दुल मन्नान- प्रखंड संयोजक,महागामा, श्री मुरारी प्रसाद शर्मा-जिला सह संयोजक एवं उनके हजारों NPS कर्मियों ने कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़ा रहा। यदि यह प्रखंड इतना मजबूत नहीं होता तो शायद गोड्डा जिला अस्तित्व विहीन हो गया होता। इस प्रखंड से दो बसों का काफिला का नेतृत्व -श्री आलोक कुमार, श्री गुंजन कुमार तथा दूसरे बस कि नेतृत्व –श्री रीतेश कुमार,श्री राजेश पंडित एवं नीलेश कुमार ने अविश्वसनीय सहयोग प्रदान कर रांची के लिए कूच किया। इनका भी अभिनंदन करता हूं।

गोड्डा सदर प्रखंड का क्या कहना —-सदाबहार प्रखंड और सदाबहार प्रखंड संयोजक–मो०सज्जाद आलम। अपने व्यक्तित्व से मुझे ही नहीं पूरे जिले को प्रभावित कर दो बसों का काफिला के साथ रांची के लिए कूच किया। प्रथम बस का नेतृत्व:-(1) मो० सज्जाद आलम-प्रखंड संयोजक, गोड्डा (2) श्री विक्रम कुमार- लिपिक बालिका उच्च विद्यालय, गोड्डा। दूसरे बस का नेतृत्व:-(1) श्री विद्यानंद प्रसाद-जिला सह संयोजक एवं (२) श्री केशव किशोर – (स०शि०)म० वि० शुण्डमारा! उन्हें कैसे शुक्रिया अदा करु पता नहीं ?


पोड़ैयाहाट के प्रखंड संयोजक श्री बोनीफांफ किस्कू, दिलीप कुमार यादव एवं उनके प्रखंड कार्यकारिणी के सभी सदस्य के साथ साथ दूसरे बस का नेतृत्व कुमारी रूपमाला एवं महामानव डीडीओ श्री गोपाल पाठक सर को हृदय से लाख-लाख नमन। जिन्होंने महासम्मेलन के साथ –अध्यात्मिक शांति को भी प्राप्त किया।

पथरगामा प्रखंड के प्रखंड संयोजक -श्री खगेन्द्र प्रसाद महतो उनके साथ 24 घंटे खड़े रहकर रांची महासम्मेलन को सफल बनाने में जिस शख्सियत ने अपना सर्वाधिक योगदान दिया उनका नाम है— मो० जहीर, प्रखंड अध्यक्ष, झा0 रा० मा० शिक्षक संघ, पथरगामा ने साथ खड़ा रहकर रांची के लिए कूच किया। इन्हें भी मैं तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। इनका साथ मिला श्री आशुतोष पांडेय जैसे पांडित्य वाले व्यक्ति का ।

सुन्दर पहाड़ी के प्रखंड संयोजक श्री‍‍ मनोज कुमार ने अपने दम पर पूरे प्रखंड को नियंत्रित करने का प्रयास सदा करते रहा । लाखों बधाएं उत्पन्न हुई। उन बाधाओं को अन्ततः डीडीओ श्री गांधी मांझी एवं उनके सहयोगी श्री गौतम वैरागी ने बड़े शालीनता एवं रणनीति के तहत दूर कर बस को रांची जाने के लिए बुक कराया। ऐसे लोगों को मैं शुक्रिया तथा हृदय से वंदन करता हूं।

अब मैं जिला कार्यकारिणी के सभी जिला सह संयोजक,जिला कोषाध्यक्ष, जिला प्रवक्ता एवं जिला सह संयोजिका के योगदान को बारम्बार नमन करता हूं। जिन्होंने अपनी महती प्रयास से कार्यक्रम को सफल बनाया।

विभिन्न संघ-संघगटनों के पदाधिकारियों का योगदान भी सराहनीय रहा। जिन्होंने प्रांतीय स्तर से ही पत्र निर्गत कर, सभी को इस “पेंशन जयघोष महासम्मेलन” में भाग लेने के लिए आह्वान किया। इन संघों में झारखंड राज्य माध्यमिक संघ के अध्यक्ष – मो० शम्स परवेज तथा सचिव- श्री आशुतोष पाण्डेय, जिन्होंने बेहतर प्रबंधन व्यवस्था कर जिले के तमाम माध्यमिक शिक्षकों को रांची जाने के लिए प्रेरित किया। अन्य संघों में +2 शिक्षक संघ, पारा मेडिकल एसोसिएशन, अनुसचिवीय कर्मचारी महासंघ, सभी प्राथमिक शिक्षक संघ, पारा मेडिकल संघ, जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, झारखंड चिकित्सा जनस्वास्थ्य संघ आदि संघों के सराहनीय योगदान भी सदा स्मरणीय रहेगा।

अन्त में रांची जाने वाले और जाने के लिए प्रेरित करने वाले तमाम NPS कर्मियों को बारम्बार नमन करता हूं। जिन्होंने अपार उपस्थिति दर्ज कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी योगदान दी।
मेरी निगाहों में यह कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। क्योंकि घोषणा के अनुसार 15 अगस्त को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की बात कही गई। तुरंत CM.के Tweeter a/c से भी इसी बात को और बेहतरीन तरीके से Tweet किया गया। इससे पता चलता है कि इरादे उनके नेक है। उनके द्वारा केवल शब्दों का चयन और उसका प्रस्तुतिकरण हमलोग के इच्छानुसार नहीं हुई। लेकिन इतना सत्य है कि झारखंड में भी पेंशन व्यवस्था इसी साल लागू होगी। मेरे पास इस सरकार के अलावा और कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है।

अब उन लोगों के लिए भी धन्यवाद ज्ञापन करता हूं, जिन्होंने गुमनामी में रहकर भी इस महासम्मेलन में अपनी भूमिका का निर्वहन किया। यह जिला के उन तमाम कर्मियों का ही कमाल है कि अपनी उपस्थिति दर्ज करने में दूसरा स्थान पर काबिज रहा। यह अदभूत अविश्वसनीय और अकल्पनीय दृश्य था।

मै आगे भी उम्मीद करता हूं कि इसी तरह कारंवा बनता रहे और हमसफ़र मिलता रहें।
निवेदक
डां सुमन कुमार
जिला संयोजक
NMOPS,GODDA

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