बोकारो जिले में सरकारी अस्पताल में इलाज के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। ये गोरखधंधा कहीं और का नहीं बल्कि बोकारो सदर अस्पताल का हैं। बीमारी और पैसे की तंगी से परेशान मरीज जब सदर अस्पताल पहुंचते हैं तो मौके पर मौजूद दलाल उसे अस्पताल अधीक्षक डा संजय कुमार के निजी क्लीनिक में ले जाकर उनसे पैसे वसूल करते हैं ।

बोकारो सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजय कुमार पर अपने निजी अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को मजबूर करने का लगा आरोप

उपाधीक्षक ने जहां आरोपों से इनकार किया वहीं 20 सूत्री समिति के सदस्य ने इसे गंभीर मामला बताया है।

फेफड़े के गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज से वसूले गए हजारों रुपए

अवैध वसूली के इस खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब अस्पताल में फेफड़े में पानी भरने के कारण सदर अस्पताल पहुंची महिला मरीज को उपाधीक्षक डॉ संजय कुमार के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मरीज के इलाज के नाम पर ₹8000 वसूली के बाद उसे सदर अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया गया। इलाज के बाद अभी भी महिला मरीज सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है ।

20सूत्री समिति के सदस्य ने की निंदा

पूरा मामला सामने आने के बाद समिति के सदस्य सदस्य कन्हैया पांडे ने कहा है गरीब मरीज के इलाज के लिए आते हैं लेकिन उनका इलाज सदर अस्पताल में नहीं कर निजी क्लीनिक ले जाया जाता है। प्राइवेट क्लीनिक में इलाज के नाम पर पैसे की उगाही की जा रही है। यह काफी गंभीर मामला है इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

संजय कुमार ने आरोपों से किया इनकार

जब इस पूरे आरोपों पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक संजय कुमार से उनका पक्ष लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने इन सारे आरोपों से इनकार किया है उन्होंने कहा है कि क्लीनिक में भर्ती मरीजों को मैं व्यक्तिगत रूप से किसी को नहीं जानता ,मेरे निजी अस्पताल में कोई भी मरीज आता है तो उसका इलाज करना मेरा फर्ज है । मामला चाहे जो भी हो जिस तरह से गरीब मरीजों के साथ इलाज के नाम पर वसूली की जा रही है वह बेहद गलत और शर्मनाक है सरकार को चाहिए इस तरह के आरोपों की जांच गंभीरता से करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में सरकार की छवि को बदनाम ना कर गरीब मरीजों का इलाज भी सही तरीके से हो सके।

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