रांची। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आहूत महासम्मेलन ऐतिहासिक होगा। रविवार को प्रांतीय बैठक में की गयी अपील के बाद अब जिलास्तर पर भी NMOPS के पदाधिकारियों की सक्रियता बढ़ गयी है। सोमवार को कई जिलों में NMOPS की जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में सभी पदादिकारियों के साथ रैली के शक्ल में रांची के मोहराबादी मैदान पहुंचने पर सहमति बनी।

दरअसल कल प्रांती बैठक में प्रदेश अध्य़क्ष विक्रांत सिंह ने प्रदेश के 2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों से आह्वान किया था कि वो ज्यादा से ज्यादा की संख्या में रांची के मोहराबादी मैदान में पहुंचे और अपने सामने एक इतिहास बनते देखें। लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष की अपी के बाद जिलास्तर पर ज्यादा से ज्यादा भागीदारी को लेकर सक्रियता देखी जा रही है।

जिन जिलों से खबरें आ रही है कि उसके मुताबिक 26 जून को करीब 500 से ज्यादा बसों से अलग-अलग जिलों से रांची पहुंचने की तैयारी है। हालांकि हजारों की भीड़ ट्रेन के जरिये भी रांची पहुंचने की तैयारी में है। स्पष्ट आंकड़ा तो नहीं मिल पाया है, लेकिन जिस तरह से जिलों से पदाधिकारियों ने संकेत दिये हैं, उसके मुताबिक हर जिले से औसतन 1500-2000 की संख्या में कर्मचारी रांची पहुंचेंगे।

ज्यादातर कर्मचारी तो बसों और सड़क मार्ग से मोहराबादी पहुंचेंगे, जबकि जिन जिलों से रेलवे की कनेक्टविटी हो, वहीं से काफी सारे लोग रेल के जरिये भी महासम्मेलन में पहुंचेंगे। सूत्रों के मुताबिक जयघोष महासम्मेलन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरने के अलावे आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है, हालांकि महासम्मेलन में मुख्यमंत्री के साथ और कितने मंत्री की मौजूदगी रहेगी इस पर कुछ दिनों बाद स्पष्ट जानकारी मिल पायेगी। हालांकि आयोजकों की तरफ से ये जरूर कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री के अलावे करीब आधा दर्जन मंत्री, विधायक व सांसद भी कार्यक्रम में शिरकत करने आयेंगे।

अच्छी बात ये है कि महासम्मेलन के लिए संगठन ने ये आह्वान किया है कि कोई भी कर्मचारी अपने निजी खर्चे से आयोजन में जाने की जिम्मेदारी नहीं उठाये, सामूहिक तौर पर सभी कर्मचारियों को मोहराबादी ले जाया जायेगा। वहीं महिला कर्मचारियों के लिए भी खास व्यवस्था की गयी है। उन्हें सुरक्षित घर से कार्यक्रम स्थल ले जाने और फिर कार्यक्रम के बद वापस घर तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

Leave a comment

Your email address will not be published.