कोटा। …पापा मैं थानेदार नहीं बन पाऊंगा…पिता की मौत के 12 दिन बाद ही बेटे ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। मामला  कोटा के आरकेपुरम थाना क्षेत्र स्थित आवली रोजड़ी का है। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। शिक्षा नगरी में एक और छात्र की आत्महत्या ने सभी को हिला दिया है। मृतक छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था और पिता की मौत के कारण काफी सदमे में था।

मृतक छात्र सुभाष गुर्जर कोटा स्थित अपने मकान में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। सुभाष ने 12वीं क्लियर कर ली थी। 13 दिन पहले पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई, उसके बाद से ही सदमे में था और पिता का सपना था कि सुभाष पुलिस सेवा में भर्ती हो। सुभाष ने अपने आंवाली रोजड़ी स्थित मकान में फंदे पर लटक कर जान दी है।

रोजड़ी निवासी 19 साल का छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 12 दिन पहले ही छात्र के पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद से ही छात्र तनाव में रहता था। पुलिस को सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है – सॉरी पापा में थानेदार नहीं बन पाऊंगा और लिखा कि उसे पिता से काफी प्रेम था। वह अपने पिता के सबसे नजदीकी था।  पिता चाहते थे के वह थानेदार बनकर सबका नाम रोशन करे।

परिजनों ने बताया कि सुभाष से 2 दिन से बात नहीं हो पा रही थी।  उसके बाद थाना आरके पुरम पर हमें सूचना मिली कि एक युवक सुभाष गुर्जर का कमरा अंदर से लॉक है, मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है, हम मौके पर गए और देखा कि मकान का अंदर से गेट बंद था। अंदर सुभाष की मौत हो चुकी थी।

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