रांची । पुरानी पेंशन लागू करने का प्रस्ताव दोबारा से कैबिनेट में लाना होगा। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक पुरानी पेंशन लागू करने को शर्तों के साथ अनुमति दी गयी है। कैबिनेट ने पुरानी पेंशन लागू करने को लेकर हाईलेवल कमेटी का गठन किया है। ये हाईपावर कमेटी की ही रिपोर्ट पुरानी पेंशन लागू करने का भविष्य तय करेगी। अधिकारियों के मुताबिक कमेटी अपनी रिपोर्ट पहले राज्य सरकार को देगी और फिर उस सिफारिश को कैबिनेट की बैठक में रखा जायेगा।

इससे पहले कमेटी SOP बनाकर पुरानी पेंशन योजना को कैसे प्रदेश में लागू किया जा सकता है, इसमें क्या-क्या व्यवधान हैं, इस पर अपना सुझाव राज्य सरकार को देगी। जानकारी के मुताबिक OPS को लेकर हाईलेवल कमेटी जो अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, उसे कैबिनेट में रखा जायेगा। उसके बाद कैबिनेट आखिरी तौर पर पुरानी पेंशन बहाली को लेकर निर्णय लेगी। शुक्रवार को हुई कैबिनेट में पुरानी पेंशन को लागू करने को लेकर सिर्फ प्रारंभिक चर्चा हुई । बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने जानकारी दी।

NPS के बदले OPS लागू करने पर क्या बोली सरकार

नई अंशदायी पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने के संबंध में कुछ शर्तों के साथ स्वीकृति दी गई। पुरानी पेंशन योजना लागू करने के संबंध में विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति तीन सदस्य होगी। 3 सदस्य समिति में प्रधान सचिव वित्त विभाग एवं प्रधान सचिव कार्मिक विभाग होंगे। यह समिति एसओपी बनाकर पुरानी पेंशन योजना लागू करने संबंधी सुझाव राज्य सरकार को देगी। समिति द्वारा दिए गए सुझाव को मंत्रिपरिषद की बैठक में रखा जाएगा।

इन कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

·कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार के वैसे कर्मी, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया 1.12.2004 के पूर्व पूर्ण हो गयी हो, परंतु दिनांक 1.12.2004 के पश्चात् नियुक्त हुए हो, उन्हें पुरानी पेंशन योजना की अनुमान्यता की स्वीकृति दी गई। राज्य कैबिनेट की बैठक में इसे लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि इस फैसले भी सैंकड़ों कर्मचारियों को लाभ होगा।

पुरानी पेंशन बहाली के लिए रखी गयी हैं शर्तें

कैबिनेट विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पुरानी पेंशन योजना के संबंध में तीन मुख्य शर्तें रखी गई हैं। पहला वित्त विभाग पीएफआरडीए में जमा करीब 17 हजार करोड़ वापस लेने का प्रयास करेगा। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिये एसओपी बनाएगी। इस कमेटी में कार्मिक विभाग और वित्त विभाग के प्रधान सचिवों को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए एसओपी की शर्तों पर सहमति देंगे। राज्य सरकार के वैसे कर्मी जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया एक दिसंबर 2004 के पूर्व हो गई हो, लेकिन एक दिसंबर 2004 के बाद बहाल हुए हों। उन्हें भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने का विकल्प दिया जाएगा। 

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