रोडरेज मामले में पटियाला जेल में बंद पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को लिवर में दिक्कत बढ़ गई है। उन्हें सोमवार को सुबह करीब 9 बजे पीजीआई लाया गया। पीजीआई में हेमेटोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह ने उनका चेकअप किया। जानकारी के अनुसार सिद्धू को लिवर संबंधित शिकायत है। उन्होंने तकलीफ की बात बताकर चेकअप कराने को कहा था। उनके अनुरोध पर उन्हें पीजीआई भेजा गया था। लगभग एक घंटे तक चले चेकअप के दौरान भी उनके साथ 15 सुरक्षाकर्मी तैनात थे। सुबह 10 बजे उन्हें वापस भेज दिया गया।

सिद्धू को दो सप्ताह पहले जांच के लिए पटियाला के राजेंद्र अस्पताल ले जाया गया था। क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू के वकील एसपीएस वर्मा ने हाल में कहा था कि सिद्धू ने जेल में एक विशेष आहार का अनुरोध किया था। वकील के अनुसार सिद्धू, गेहूं से बनी वस्तुएं, चीनी, मैदा और कुछ अन्य खाद्य वस्तुएं नहीं खा सकते हैं।

चंडीगढ़ पीजीआई से इलाज करवाने की मांग:

दरअसल नवजोत सिद्धू के वकील की तरफ से पटियाला की सेशन कोर्ट में एक एप्लीकेशन लगाई गई थी, जिसमें उन्होंने नवजोत सिद्धू की सेहत का हवाला देते चंडीगढ़ पीजीआई से उनका इलाज करवाने की मांग की थी। जिस पर अमल करते हुए आज उनको पटियाला जेल प्रशासन चंडीगढ़ पीजीआई लेकर आया है, जहां उनका चेकअप और जरूरी टेस्ट किए जाएंगे।

सिद्धू को डाइट चार्ट में सलाह दी गई है कि वे रोज सुबह रोजमेरी चाय (Rosemary Tea), सफेद पेठे का आधा ग्लास जूस या नारियल पानी पीएं.इसके अलावा लंच से पहले बीटरूट, घीया, खीरा, मौसमी, तुलसी, आंवला का एक ग्लास जूस जरूर पीएं. या फिर तरबूज, खरबूज, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अमरूद, सेव या बेल का जूस पी सकते हैं

क्या था मामला..

कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख द्वारा एक स्थानीय कोर्ट में सरेंडर करने के बाद उन्हें 20 मई को पटियाला केंद्रीय जेल भेज दिया गया था। उन्हें 1998 के रोडरेज के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई थी। 27 दिसंबर 1988 की शाम सिद्धू अपने दोस्त रुपिंदर सिंह संधू के साथ पटियाला के शेरवाले गेट की मार्केट में पहुंचे थे। मार्केट में पार्किंग को लेकर उनकी 65 साल के बुजुर्ग गुरनाम सिंह से कहासुनी हो गई। बात हाथापाई तक जा पहुंची। इस दौरान सिद्धू ने गुरनाम सिंह को मुक्का मार दिया। पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

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