नयी दिल्ली। कोरोना का खतरा अभी गया नहीं है कि एक नयी बीमारी ने दुनिया में दस्तक दे दी है। भारत में अभी तो इस बीमारी की पहचान नहीं हुई है, लेकिन भारत में इस बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। इस बीमारी का नाम है Monkeypox (मंकीपाक्स) । ये बीमारी बड़ी तेजी से दुनिया में फैल रही है। पश्चिमी देशों से शुरू हुआ ये प्रसार अब अन्य देशों में भी बड़ी तेजी से फैल रहा है। WHO ने भी इस खतरे की तरफ सबको आगाह किया है।

सिर्फ 15 दिनों में ही मंकी पाक्स बीमारी ने 16 देशों में अपना जाल फैला लिया है। इंग्लैंड में 36 नये केस मिलने के बाद अब ब्रिटेन में मंकी पाक्स के मरीज बढ़कर 57 हो गये हैं। डाक्टरों के मुताबिक ये चिकन पाक्स से कम खतरनाक है, लेकिन लापरवाही जानलेवा भी हो सकती है।

मंकीपाक्स की वजह से कोरोना का दौर लौटता दिख रहा है। बेल्जियम में तो इससे संक्रमित लोगों के लिए क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया गया है। अभी तक जिन देशों में मंकी पाक्स के मरीज मिले हैं, उनमें ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, स्वीडन, फ्रांस, पुर्तगाल, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, कनाडा, बेल्जियम, नीदरलैंड, इजराइल, आस्ट्रिया  और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।

ये बीमारी हालांकि सालों पुरानी है। 1958 में इस बामारी के बारे में पता चला था। इसका इंफेक्शन सबसे पहले बंदरों में मिला था। मंकीपाक्स शरीब में आंख, नाक, मुंह के जरिये फैलता है। रिपोर्ट में दावा है कि यह मरीज के बर्तन, कपड़े और बिस्तर छूने से भी फैल सकता है। डब्लूएचओ के मुताबिक मंकी पाक्स से संक्रमित होने पर इसमें लक्षण 5 से 21 दिन के भीतर दिख सकता है।

इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को सर दर्द, बुखार, पैर हाथ में दर्द, कमर दर्द, कंपकंपी, थकान और सूजन जैसी परेशानी होती है। शरीर और चेहरे में दाने हो सकते हैं, जिसमें मवाद भर जाता है। इसे ठीक होने में 10 दिन का वक्त लग सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक स्पेन और बेल्जियम में दो रेव पार्टी में समलैंगिक और अन्य लोगों के बीच यौन संबंध की वजह से इस बीमारी का प्रसार हुआ है। मंकीपाक्स पहले अफ्रीका तक ही समिटा था, लेकिन इस बार इसका प्रकोप कुछ ज्यादा ही दिख रहा है।  

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