बंगाल SIR केस: ममता बनर्जी खुद करेंगी सुप्रीम कोर्ट में पैरवी
Bengal SIR case: Mamata Banerjee will represent herself in the Supreme Court.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़े मामले को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश होने वाली हैं। बंगाल SIR केस को लेकर यह सुनवाई राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एलएलबी की डिग्रीधारी ममता बनर्जी इस मामले में स्वयं पैरवी करने की अनुमति मांग सकती हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी कानूनी टीम के माध्यम से एक अंतरिम आवेदन दाखिल किया है।
इस आवेदन में ममता बनर्जी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से अनुरोध किया है कि उन्हें अदालत में सीधे दलीलें रखने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा है कि वह इस मामले की याचिकाकर्ता हैं और इससे जुड़े तथ्यों से भली-भांति परिचित हैं। साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रियाओं और शिष्टाचार का पालन करने का भी भरोसा दिलाया है। उनके नाम से सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश पास जारी होना उनकी संभावित व्यक्तिगत उपस्थिति का संकेत देता है।
दिन में बाद में मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल पंचोली शामिल हैं, मुख्यमंत्री, तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और याचिकाकर्ता मोस्तारी बानू की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी।
बंगाल SIR केस को लेकर ममता बनर्जी ने हाल के दिनों में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया मनमानी और त्रुटिपूर्ण है तथा इससे आम मतदाताओं को परेशानी हो रही है। 19 जनवरी की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाताओं को असुविधा न होने देने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री का मानना है कि यह मामला लोकतंत्र से जुड़ा है और इसलिए वह “हर दरवाजा खटखटाने” को तैयार हैं। अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की इस अहम सुनवाई पर टिकी हैं, जो बंगाल SIR केस की दिशा तय कर सकती है।








