लालू यादव की बढ़ी मुश्किलें: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द नहीं की चार्जशीट, अब चलेगा भ्रष्टाचार का मुकदमा!
Lalu Yadav's Troubles Mount: Supreme Court Refuses to Quash Charge Sheet; Corruption Trial to Proceed!

‘जमीन के बदले नौकरी’ घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख Lalu Prasad Yadav को Supreme Court of India से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सीबीआई की एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच और ट्रायल दोनों आगे जारी रहेंगे।
सुनवाई में मिली आंशिक राहत
हालांकि अदालत ने लालू प्रसाद यादव को कुछ राहत भी दी है। उन्हें ट्रायल कोर्ट में हर सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट प्रदान की गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A से जुड़े मुद्दे को उचित समय पर उठाने की अनुमति भी दी है।
हाई कोर्ट के फैसले पर भी मुहर
इससे पहले Delhi High Court ने भी इस मामले में एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी थी कि सीबीआई जांच बिना उचित मंजूरी के अवैध है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई और बाद में उन लोगों को नियुक्तियां दी गईं।
सीबीआई की जांच और आरोप
Central Bureau of Investigation ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी और बाद में चार्जशीट भी दाखिल की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि नियुक्तियों के बदले जमीन ट्रांसफर कराई गई, जो भ्रष्टाचार के दायरे में आता है।
आगे क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पूरा मामला ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगा। एफआईआर और चार्जशीट दोनों फिलहाल कायम हैं, जिससे यह साफ है कि कानूनी लड़ाई अभी लंबी चलेगी।









