बोकारो ‘कंकाल कांड’ में नया मोड़: हत्यारा तो पकड़ा गया, पर पुलिस महकमे में छिड़ गई ‘जंग’!
New Twist in the Bokaro 'Skeleton Case': The Killer Has Been Caught, But a 'War' Has Erupted Within the Police Department!

बोकारो में 18 वर्षीय Pushpa Kumari हत्याकांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। नौ महीने पुराने इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार कर खुलासा किया, लेकिन इसके साथ ही 28 पुलिसकर्मियों के निलंबन को लेकर विवाद भी तेज हो गया है।
पुलिस एसोसिएशन ने उठाए सवाल
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है और बोकारो एसपी हरविंदर सिंह को हटाने की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि यह कार्रवाई प्रशासनिक विफलता को छिपाने के लिए की गई है और निर्दोष पुलिसकर्मियों को बलि का बकरा बनाया गया है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला तब सामने आया जब पुष्पा कुमारी करीब नौ महीने पहले पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से लापता हो गई थी। बाद में चाकुलिया पंचायत के मधुटांड़ जंगल से उसका कंकाल बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि उसका तीन साल से दिनेश महतो के साथ संबंध था और शादी के दबाव में आकर आरोपी ने उसकी हत्या कर दी।
SIT जांच में तेजी, आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में टीम ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर चाकू, कपड़े और हड्डियों के अवशेष भी बरामद किए गए।
शुरुआती जांच में लापरवाही के आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि शुरुआती चरण में गंभीर लापरवाही हुई थी और कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसी आधार पर थाना प्रभारी समेत कुल 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
आगे बढ़ा प्रशासनिक विवाद
निलंबन के बाद अब मामला सिर्फ अपराध जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस विभाग के भीतर भी असंतोष बढ़ गया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन किया जाएगा।








