छपरा। लालू प्रसाद यादव इस बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे। चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है, यहां तक की फ्लाइट का टिकट भी बुक हो गया है। अब नामांकन शुरू होते ही लालू यादव दिल्ली पहुंचेंगे और अपना नामांकन दाखिल कर देंगे। हालांकि अगर “लालू प्रसाद यादव” के नाम से अगर आप समझ रहे हैं कि RJD वाले लालू यादव की हम बात कर रहे हैं, तो ऐसा नहीं है।

दरअसल हम बात सारण के लालू प्रसाद यादव की कर रहे हैं, जिन्हें लोग धरतीपकड़ के नाम से जानते हैं। मढ़ौरा नगर पंचायत के रहीमपुर के रहने वाले लालू प्रसाद यादव 2017 में भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें प्रस्तावक ही नहीं मिला, जिसके बाद उनका नामांकन रद्द हो गया। इस बार फिर से वो चुनाव लड़ने जा रहे हैं। 15 जून को लालू प्रसाद यादव दिल्ली पहुंचेंगे और 16 को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। 15 की सुबह की पटना से फ्लाइट पकडकर वो सीधे दिल्ली लैंड करेंगे।

हर तरह का चुनाव लड़ चुके हैं

लालू प्रसाद यादव वार्ड पार्षद से लेकर विधायक, सांसद, राष्ट्रपति हर तरह का चुनाव लड़ चुके हैं। 2001 में उन्होंने मढ़ोरा नगर पंचायत के वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2006 और फिर 2011 में वो वार्ड पार्षद का फिर से चुनाव लड़ने उतरे, लेकिन किसी भी चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली।

2014 और 2019 में वो लोकसभा चुनाव में छपरा लोकसभा से चुनाव मैदान में उतरे। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव हार गये। विधान परीषद में 2016 में सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से , 2020 में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से और 2022 में सारण त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके है। एक दर्जन चुनाव लड़ने के बावजूद वो अब तक एक बार भी नहीं जाते हैं।

40 प्रस्तावक का दावा किया

लालू यादव चाहते हैं कि सबसे ज्यादा चुनाव लड़ने का रिकार्ड उनके नाम दर्ज है। उन्हें यकीन है कि कभी ना कभी जरूर जनता उन्हें चुनेंगी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए 100 प्रस्तावक की जरूरत होगी। लालू यादव का दावा है कि उन्हें 40 प्रस्तावक मिल चुके है, बाकी वो निर्वाचन के दौरान व्यवस्था करेंगे।

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