मधुबनी। कोर्ट चैंबर में जज से मारपीट मामला अब यू टर्न लेता दिख रहा है। थाना प्रभारी के बयान के बाद अब जज अविनाश कुमार समेत कोर्ट के तीन स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पूरा मामला आज से सात महीने पहले 18 नवंबर 2021 को झंझारपुर व्यावहार न्यायालय में जज अविनाश कुमार और तत्कालीन घोघराडीहा थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण के मारपीट से जुड़ा है।

इस मामले में झंझारपुर थाने में 20 जून 2022 को दर्ज कराये बयान के आधार पर कोर्ट ने झंझारपुर नगर पंचायत के जेई दीपक राज, कोर्ट कर्मी अवकाश मिश्रा और एडीजे अविनाश कुमार को नामजद किया गया है।

शिकायत में लिखा है कि 16 नवंबर को साढ़े तीन बजे अवकाश मिश्रा ने फोन कर 17 नवंबर को जज अविनाश कुमार के कोर्ट में आने को कहा। लेकिन कुछ काम की वजह से वो 17 को नहीं, बल्कि 18 नवंबर को अपने एक सहकर्मी के साथ जज के चैंबर में पहुंचे। वहां पहले से इंजीनियर दीपक राज मौजूद थे। कक्ष में उपस्थित दीपक राज के तरफ इशारा करते हुए न्यायाधीश अविनाश कुमार ने मुझसे पूछा कि तुम कितना पढ़े लिखे हो। तो उन्हें स्नातक पास होने की बात बताई गई। इस पर उन्होंने कहा कि इंजीनियर की पढाई की है। इसके साथ अभद्र गाली देते हुए पूछा डर नहीं लगता है।

गुस्से में आकर जूता निकालकर मारने लगे। कक्ष में उपस्थित दीपक राज तथा अवकाश मिश्रा भी कक्ष के गेट के पास खड़े थे। न्यायाधीश के निर्देश पर मुझे मुक्का से मारने लगे। प्राथमिक इलाज के बाद डीएमसीएच भेजा गया।

फर्द बयान के बाद मधुबनी के तत्कालीन एसपी ने अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से एडीजे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में मार्गदर्शन मांगा था। पत्र के आलोक में सरकार के महाधिवक्ता से मंतव्य मांगा गया। महाधिवक्ता का मंतव्य मिलने के बाद अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय ने सीआईडी के एडीजी को विधि सम्मत कार्रवाई की बात कही थी। इसकी कॉपी आईजी और एसपी को 4 फरवरी 2022 को दी गई थी। इस पत्र के साढ़े चार माह बाद मधुबनी एसपी के निर्देश पर झंझारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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