झारखंड :गिरिडीह पंचायत सेवक उमेश राय शनिवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी की टीम द्वारा घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। उमेश राय राजधनवार थाना क्षेत्र के कोरियाढिह गांव का रहने वाला है ।आरोप है कि उसने मनरेगा में राशि का भुगतान करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद इसकी शिकायत एसीबी को की गई फिर घूस लेते उसे गिरफ्तार किया।

पंचायत सेवक उमेश राय देवरी प्रखंड के 4 पंचायत खटोरी, सिकरुडीह, चिकनाडीह व हरला पंचायत में पंचायत सेवक के रूप में कार्यरत है। खटोरी पंचायत में मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2021- 22 बैजनाथ यादव पर दोहा निर्माण के लाभुक खटोरी गांव निवासी बैजनाथ यादव के द्वारा 5% घूस नहीं देने पर 17/ 5/22 से 29/5/ तक 19 मजदूरों का मस्टर रोल जारी हुआ था। इसीलिए रोजगार सेवक व पंचायत सचिव का हस्ताक्षर करवा कर कार्यालय में जमा करवा दिया गया था। लेकिन रिश्वत की राशि नहीं देने पर मस्टररोल को शुन्यकर दिया गया।

दोबारा दिनांक 31/5/22 से 13/6/22 तक का 16 मजदूरों की डिमांड रोजगार सेवक के द्वारा किया गया। मस्टरोल जमा हुआ। लाभूक के काफी विनती के बाद भुकतान हुआ, लेकिन अब डिमांड को पंचायत सचिव के द्वारा रोक दिया गया। डिमांड करवाने के लिए कहने पर कहा गया कि पिछला भुगतान की गई राशि का 5% घूस देने के बाद भुगतान किया जाएगा।

इसके बाद आवेदक यादव के द्वारा एसीबी को मामले से अवगत कराया गया। मामले की सूचना पर शनिवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो धनबाद की टीम देवरी पहुंची । सिकरुडीह पंचायत सचिवालय के पास से घूस की राशि के साथ पंचायत सचिव उमेश राय को गिरफ्तार कर लिया गया।

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