रांची:दो साल के बाद आयोजित हो रहे रथयात्रा के मेला के बीच आज भगवान जगन्नाथ मौसीबाड़ी जाएंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने हाथों से रथ को खींचकर धुर्वा स्थित मुख्य मन्दिर से मौसीबाड़ी तक पहुंचाएंगे। पिछले दो साल से कोरोना महामारी की वजह से इस मेला का आयोजन नहीं किया गया था।

वहीं 10 जुलाई को वापस उन्हें मौसीबाड़ी से मुख्य मंदिर लाया जाएगा। धुर्वा में मंदिर के लगभग एक किलोमीटर इलाके में मेला लगाया गया है। जिसमें तरह तरह झूले और दुकानें लगाई गयी हैं।

श्री जगन्नाथ स्वामी जी मुख्य मंदिर में रथ यात्रा के दिन 300 महिला-पुरुष स्वयं सेवक तैनात होंगे। रथ मेला के दौरान शांति व्यवस्था को लेकर ये फैसला लिया गया है। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति ने इस पर फैसला लिया है। समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा कि निर्णय लिया गया कि

एक जुलाई को झारखंड की ऐतिहासिक रथयात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मेला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति की ओर से 300 महिला-पुरुष स्वयं सेवक तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि दो साल के बाद मेला लग रहा है। इसलिए भीड़ काफी होगी। इसके लिए हम सभी को मुस्तैद रहने की जरुरत है।

सड़क के दोनों ओर खाने-पीने के स्टॉल लगाए गए हैं. सभी दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि 1 जुलाई को जब रथयात्रा निकलेगी उस दौरान सड़क पर किसी भी तरह का कोई अतिक्रमण न किया जाए. रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि रथयात्रा और मेले को लेकर सुरक्षा में किसी भी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। ‌‌

आज दर्शन देंगे भगवान जगन्नाथ

प्रभु जगन्नाथ 16 दिनों के अज्ञातवास में रहने के बाद गुरुवार यानी आज शाम में प्रभु अपने भाई बालभद्र व बहन सुभद्रा के साथ दर्शन देंगे। वहीं शाम 4:30 बजे नेत्रदान होगा।बता दें नेत्रदान के बाद शाम 5 बजे प्रभु को स्नान मंडप में लाया जाएगा।उसके बाद स्तुति और मंगल आरती होगी व भोग लगाया जाएगा।

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