धनबाद : यूं तो झाड़ू का इस्तेमाल साफ सफाई के लिए होता है, लेकिन हिंदू मान्यताओं में झाड़ू का खास महत्व है। सनातन मान्यताओं में हिंदुओं में झाड़ू खरीदने का एक अलग महत्व है। कहा जाता है कि धनतेरश के दिन झाडू खरीदने के घर में लक्ष्मी का वास होता है। इसके अलावे हिंदू धर्म में झाड़ू को लेकर अलग-अलग बातें भी दर्ज है, मतलब झाड़ू का कब घर में प्रवेश होना चाहिये, झाडू कब लगाना चाहिये, झाड़ू किस स्थान पर रखना चाहिय, झाड़ू को कैसे रखना चाहिये। आइये आज हम आपको झाड़ू के संदर्भ में प्रचलित मान्यताओं के बारे में बताते हैं।

वास्तु शास्त्र में वर्णित है कि झाड़ू से जुड़ी एक गलती आपको कंगाल बना सकता है और एक उपाय आपको कंगाल से दौलत की गद्दी पर बैठा सकता है।

नई झाड़ू खरीदते वक्त किन बातों का रखें ख्याल

वास्तु शास्त्र के मुताबिक नई झाड़ू खरीदने के लिए शनिवार सबसे अच्छा दिन है। शनिवार के दिन घर में नया झाड़ू लाना बहुत ही शुभ होता है। ऐसा करने से सुख समृद्धि बढ़ती है और घर के मालिक पर मां लक्ष्मी की हमेशा कृपा रहती है।

इस दिन ना खरीदे झाड़ू

वास्तु शास्त्र के मुताबिक हिंदू मासिक कैलेंडर में दो पक्ष होते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। नई झाड़ू हमेशा कृष्ण पक्ष में ही खरीदनी चाहिये। शुक्ल पक्ष में नई झाड़ू घर लाने के अशुभ परिणाम होते हैं। इसलिए शुक्ल पक्ष में नई झाड़ू खरीदकर कभी घर ना लायें।

इन जगहों पर कभी नहीं रखें झाड़ू

  • झाड़ू को कभी ईशान कोण यानि उत्तर पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिये। क्योंकि इस दिशा में झाड़ू रखने से घर में धन का आगमन नहीं  होता है। इसलिए दक्षिण या दक्षिण- पश्चिम दिशा में झाड़ू रखना शुभ माना जाता है।

  • वास्तु के अनुसार झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिये। झाड़ू को कभी ऐसे स्थान पर रखना चाहिये, जहां आते-जाते लोगों की नजर पड़े। बेडरूम में भी झाड़ू रखने से बचना चाहिये। तिजोरी के पास भी कभी झाड़ू नहीं रखना चाहिये

  • किचन में झाड़ू को कभी नहीं रखना चाहिये। वास्तु शास्त्र के मुताबिक किचन में झाड़ू रखने से घर में अन्न की कमी आती है। साथ ही सूर्यास्त के बाद भी झाडू नहीं लगानी चाहिये। जबकि सूर्योदय के साथ झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और धन आने के रास्ते खुलते हैं।

रात में झाड़ू लगाने से बचना चाहिये

रात के वक्त कमरे के अंदर झाड़ू नहीं लगाना चाहिये। हालांकि जरूरत के वक्त झाड़ू लगा सकते हैं। लेकिन सफाई के ख्याल से रात के वक्त झाडू लगाकर कचरा कमरे में ही इक्टट्ठा नहीं करना चाहिये। मान्यता है कि इससे भी लक्ष्मी जी घर से दूर हो जाती है।

झाड़ू को किस दिन फेंके

ज्योतिष शास्त्रों में माना गया है कि पुरानी झाड़ू को आमावस्या, होलिका दहन या ग्रहण के बाद अपने घरों से निकाल देना चाहिये। झाड़ू को हमेशा ऐसी जगह फेंकना चाहिये, जहां कोई उस पर पैर ना रख सके। किसी भी दिन पुरानी या टूटी हुई झाड़ू को घर से निकालते हैं तो माना जाता है कि दरिद्रता, दोष उस झाड़ू के साथ घर से दूर चली जाती है। नये झाड़ू से सकारात्मकाता का वास होता है।

झाड़ू किस दिन ना फेंके

झाड़ू को महालक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जिसमें घर की लक्ष्मी या गरीबी को दूर करते हैं। इसलिए ऐसा माना जाता है कि जिनके घरों में साफ सफाई रकती है और वहां का वातावरण पाजेटिव एनर्जी से भरा होता है। इसलिए कभी भी झाड़ू को एकादशी, गुरुवार, शुक्रवार और लक्ष्मी पूजन के दिन नहीं फेंकना चाहिये। ऐसा करते हैं तो माता लक्ष्मी रूष्ट हो जाती है। शास्त्रों में वर्णन है कि झाड़ू का अपमान करना ईश्वर का अपमान करने के समान होता है।

टूटी या बिखरी हुई झाड़ू ना रखें

वास्तु में बताया गया है कि टूटी या बिखरी हुई झाड़ू से नकारात्मकता आती है। इसलिए कभी भी टूटी या बिखरी हुई झाड़ू को घर में नहीं रखना चाहिये। जब भी झाड़ू बहुत पुरानी या टूटने लगे तो तुरंत ही किसी नियत दिन उसे बदल देना चाहिये। माना जाता है टूटी झाड़ू रखने से घर में परेशानियां बढ़ती है और घर में दरिद्रता आती है।  

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