रांची। बदलते मौसम से अलग हमारी स्किन पर शरीर के अंगों से जुड़ी और भी कई बीमारियों के संकेत नजर आते हैं। इन्हीं में से एक हैं फैटी लिवर के लक्षण। इसी कड़ी में से इस लेख में हम आपको फैटी लिवर के स्किन पर दिखने वाले कुछ आम लणक्षों के बारे में बताने जा रहे हैं। बॉडी में फैट्स जब लिवर के वेट से 10 फीसदी ज्यादा बढ़ जाता है, उस दशा में लिवर सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पाता है। वहीं, अगर लंबे समय तक इस बीमारी पर ध्यान ना दिया जाए, तो ये लिवर सिरोसिस का कारण भी बन सकती है।

लिवर के फैटी होने से बॉडी में प्रोटीन बनाने की क्षमता कम होने लगती है। इससे ब्लड फ्लो और फ्लूइड रिमूवल सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है। नतीजन चेहरे पर सूजन दिखने लगती है। इन सब के अलावा स्किन का अधिक सफेद पड़ना भी फैटी लिवर की ओर इशारा करता है। हालांकि, इस दौरान आंखों में हल्का पीलापन नजर आने लगता है। ऐसे में अगर आप भी इस तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इस स्तिथि में अधिक देरी पीलिया का कारण भी बन सकती है।
आसान भाषा में समझें समय के साथ ये समस्या लिवर को पूरी तरह सड़ाकर आपको बहुत अधिक बीमार बना सकती है।फैटी लिवर की समस्या काफी आम है, जिसका सामना तब करना पड़ता है जब लिवर में एक्स्ट्रा फैट जमा होना शुरू हो जाता है. लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में एक है. लिवर में होने वाली किसी भी परेशानी का असर पूरे शरीर पर पड़ता है. यह भोजन को पचाने के साथ ही हमारे शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में भी मदद करता है. लिवर में होने वाली दिक्कतों के कारण कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, कैंसर और टाइप 2 डायबिटीज का सामना भी करना पड़ता है.

मुख्य तौर पर, फैटी लिवर बीमारी दो तरह की होती है: एल्कोहॉलिक फैटी लिवर बीमारी और नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर बीमारी. एल्कोहॉलिक फैटी लिवर बीमारी की समस्या बहुत अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने के कारण होती है. जबकि नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर बीमारी की समस्या मोटापे, हाई ब्लड शुगर और खून में मौजूद फैट के हाई लेवल के कारण होती है. यह समस्या आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल के कारण होती है.

लिवर से जुड़ी बीमारी के लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देते. इसके लक्षण तब दिखने शुरू होते हैं जब लिवर काम करना बंद कर देता है. इसके लक्षणों का पता होना इसलिए भी जरूरी है ताकि आप समय रहते लिवर की किसी भी तरह की समस्या से बच सकें. लिवर डैमेज होने का एक लक्षण खून में पित्त का बनना हो सकता है। इस स्तिथि में पित्त खून में मिलने लगता है और स्किन के निचले हिस्से पर इकट्ठा हो जाता है। ऐसे में स्किन बेहद ड्राई हो जाती है, साथ ही पीड़ित को खुजली की समस्या भी होने लगती है।

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