Urinary Bladder Cancer : बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी का सोमवार (13 मई) को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। बता दें कि सुशील कुमार मोदी ने करीब छह महीने पहले ट्वीट करके खुद को कैंसर होने की जानकारी दी थी। साथ ही, बताया था कि काफी समय से उनका इलाज चल रहा है। आइए आपको बताते हैं कि वह किस तरह के कैंसर से जूझ रहे थे? इस कैंसर के लक्षण कैसे होते हैं और इससे बचाव का तरीका क्या है?

सुशील मोदी यूरिनरी ब्लैडर कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे. शुरू में एम्स दिल्ली में डॉक्टर अमलेश सेठ के नेतृत्व में यूरिनरी ब्लैडर के कैंसर का इलाज चल रहा था. इसके बाद डॉक्टर रंजीत साहू उन्हें देख रहे थे. सुशील मोदी की बीमारी काफ़ी बढ़ गई थी और सोमवार रात को करीब 9 बजकर 45 मिनट पर अंतिम सांस ली. उन्हें 9 अप्रैल को एम्स दिल्ली में भर्ती किया गया था.

क्या होता है यूरिनरी ब्लैडर कैंसर

ऑनकोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग कुमार बताते हैं कि यूरिनरी ब्लैडर यूरिनरी ट्रैक यानी मूत्र मार्ग के ऊपर और किडनी के नीचे होता है. किडनी से यूरिन यूरिनरी ब्लैडर में ही आता है. यूरिन कुछ समय ब्लैडर में रहता है और उसके बाद शरीर से निकल जाता है. ब्लैडर में कैंसर तब होता है जब ब्लैडर में मौजूद सेल्स तेज़ी से बढ़ने लगते हैं.

ये कैंसर आमतौर पर 50 साल की उम्र के बाद होता है. इस कैंसर के लक्षणों का अगर समय पर पता चल जाए तो इलाज हो सकता है, लेकिन अगर ये कैंसर एडवांस स्टेज में चला जाता है तो ट्रीटमेंट एक चुनौती बन जाता है. यह इस वजह से होता है क्योंकि देरी से इसकी पहचान होने से ये कैंसर फैल जाता है. यूरिनरी ब्लैडर से होते हुए ब्लैडर की बाहर की परत और फिर लिम्फ नोड्स के बाद ये कैंसर लंग्स और लिवर तक में चला जाता है. इस कारण एक साथ सभी ऑर्गन फैल भी हो सकते हैं जो मौत का कारण बन सकता है.

आमतौर पर यूरिनरी ब्लैडर कैंसर का पहला लक्षण क्या है?

आपके पेशाब में खून आना यूरिनरी ब्लैडर कैंसर का सबसे आम लक्षण है, हालांकि पेशाब में खून आना यूरिनरी ब्लैडर कैंसर का निश्चित संकेत नहीं है. अन्य परेशानियों के चलते भी ऐसा हो सकता है. यूरिनरी ब्लैडर कैंसर के चलते ये परेशानियां हो सकती हैं-

शुरू में लक्षणों का पता नहीं चलता

अधिकतर मामलों में लोगों को शुरू में इस कैंसर के लक्षण का पता नहीं चल पाता है. लोग इस कैंसर के लक्षणों को पेशाब की सामान्य प्रॉब्लम मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं. जब तक बीमारी का पता चलता है तो वह घातक बन चुकी होती है. भारत में यूरिनरी ब्लैडर में कैंसर के अधिकतर मामले आख़िरी स्टेज में ही सामने आते हैं. इस स्थिति में ये बीमारी घातक बन जाती है.

यूरिनरी ब्लैडर कैंसर के लक्षण (Symptoms Bladder cancer)

  • यूरिन में खून आना(हेमट्यूरिया): यूरिन में खून आने पर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. ये यूरिनरी ब्लैडर कैंसर का संकेत हो सकता है.
  • पेशाब करते समय दर्द (डिसुरिया): पेशाब शुरू करते समय या पेशाब करने के बाद जलन या चुभन महसूस होना यूरिनरी ब्लैडर कैंसर का संकेत हो सकता है.
  • बार बार पेशाब आना: बार-बार पेशाब आने का मतलब है कि आप 24 घंटे की अवधि के दौरान कई बार पेशाब जाना. ऐसे में अगर आपको ऐसी जरूरत महसूस हो रही है तो ये खतरे की घंटी हो सकती है.
  • लगातार यूरिन इन्फेक्शन: अगर आपको बार बार यूरिन इन्फेक्शन की समस्या हो रही है तो आपको इसपर विचार करने की जरूरत है. यदि आपको मूत्राशय में संक्रमण है जो एंटीबायोटिक दवाओं से उपचार के बाद भी ठीक नहीं होता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

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