शराब घोटाले में ED ने दाखिल की चार्जशीट, CM सहित उनकी पार्टी का नाम शामिल, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली। दिल्ली के आबकारी घोटाले में ईडी ने 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है, जिसमें अरविंद केजरीवाल को भी आरोपी नंबर 37 बनाया गया है। साथ ही आम आदमी पार्टी (आप) आरोपी नंबर 38 में है। 232 पेज की चार्जशीट में ED ने CM अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें शराब कारोबारियों से सांठगांठ करके नीति को उनके पक्ष में बनवाकर पार्टी के नेताओं को फायदा पहुंचाना था।

वहीं ED की चार्जशीट के मुताबिक, नई आबकारी नीति बनाने के पीछे CM केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं का मकसद था कि, रिश्वत के बदले साउथ लॉबी को फायदा पहुंचाया जाए। जांच के आधार पर चार्जशीट में विजय नायर की भूमिका का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि, पार्टी में किसी भी पद पर विजय नायर नहीं थे। लेकिन वो सिर्फ आप नेताओं के मिडिलमैन, लाइजनर या फिर ब्रोकर के तौर पर थे। चार्जशीट के अनुसार, विजय नायर का काम था कि, वह शराब कारोबारियों से सांठगांठ कर पॉलिसी को उनके पक्ष में बनवाए। जिससे आप नेताओं के लिए रिश्वत लेने का रास्ता साफ हो सके। 17 नवंबर 2022 को दिए गए अपने बयान में नायर ने बताया कि, वो मार्च 2021 से नई शराब नीति को लेकर शराब कारोबारियों के साथ लगातार बैठक कर रहा था। जबकि वह दिल्ली सरकार के आधिकारिक या राजनीतिक पद पर भी नहीं था। उसकी विज्ञापन कंपनी का काम दिल्ली सरकार के लिए PR करना था, जो कि आप में उसके रसूख और पार्टी नेताओं के साथ गहरी साठगांठ को दर्शाता है।

गहलपोत के बंगले में रहता था नायर

जानकारी के मुताबिक, 18 नवंबर को ED की पूछताछ में नायर ने बताया कि वो CM आवास के पास सरकारी बंगले में रहता है, यह बंगला दिल्ली सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत को अलॉट हुआ था। साथ ही, चार्जशीट में यह भी कहा गया कि, नायर CM के कैंप ऑफिस से ऑपरेट करता है। सीएम केजरीवाल के PA अक्षय मल्होत्रा ने इसी साल 1 अप्रैल को बताया था कि, नायर आप के मीडिया एवं कम्यूनिकेशन के हेड थे। बावजूद इसके नायर कभी भी किसी विधायक से नहीं मिले, उनकी रिपोर्टिंग सीधे केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आतिशी को थी. खास बात यह है कि, केजरीवाल ने नायर की रिपोर्टिंग उनके पास होने से साफ इंकार किया था।

ED ने दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत का भी बयान इसी साल दर्ज किया, जिसमें उन्होंने बताया कि, मैंने अपना सरकारी बंगला नायर को रहने के लिए नहीं दिया था। मैंने यह बंगला आशीष मल्होत्रा को दिया था, क्योंकि वह CM आवास का खास सदस्यों में शामिल था। करीब 2 साल पहले साल 2022 में जांच एजेंसी ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से जेल में जाकर उसका बयान दर्ज किया था। समीर ने बताया था कि, विजय नायर ने ही फेसटाइम के जरिये उसकी बात केजरीवाल से करवाई थी। जिसमें उन्होंने बोला था कि, नायर अपना लड़का है, तुम इस पर भरोसा कर सकते हो। नायर ने मुझसे कहा था कि, नई शराब नीति के पीछे दिमाग केजरीवाल का ही है। बगैर किसी पद के नायर पॉलिसी ड्राफ्ट होने से पहले ही साउथ लॉबी के शराब कारोबारी, BRS नेता के कविता, बुच्ची बाबू और सुरेश मेनन के साथ लगातार बैठक कर रहा था. पूछताछ के दौरान जब नायर और केजरीवाल से पूछा गया कि नायर किस हैसियत से इनके साथ बैठकें कर रहा था तो दोनों कोई जवाब नहीं दे सके। वैसे अभी ED अभी पुरे मामले की जांच में लगी हुई है, जिसमे और भी बड़े चेहरों का शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।

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