शिक्षक दिवस पर हुआ DBMS कॉलेज में भव्य आयोजन…..बी चंद्रशेखर बोले – स्वस्थ समाज के निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका

जमशेदपुर डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती ५ सितम्बर शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर समारोह का आयोजन किया गया। बी.एड और डी.एल.एड की छात्र – छात्राओं ने कार्यक्रम प्रस्तुत किये। शिक्षकों का सम्मान तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ देकर निकीता , अदिवा , अंकिता और सौम्या ने किया।

द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम प्रबंधन के सदस्यों प्राचार्या , उपप्राचार्या एवं सभी शिक्षिकाओं के द्वारा किया गया। इसके पश्चात संध्या, अन्नू सोनी , हीना , प्रतिमा आदि छात्राओं के द्वारा गीत की प्रस्तुति की गयी। जिसका सभी अतिथियों ने स्वागत किया। बी.एड द्वितीय सत्र के छात्राओं ने कक्षा का जीवन्त उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में अंजली , कंचन, निधि , अनिमा , रानी, स्वाति ,ज्योति , अनुपमा और काजल ने भाग लिया। रेडियो प्रसारण अंकिता के द्वारा प्रस्तुत किया गया और आधुनिक नृत्य ऋषिता , सायोनी , यश्मती , निशा , रेणुका , हीरामणि , लक्ष्मी तथा नमसी ने प्रस्तुत किया।

शिक्षक दिवस के अवसर पर केक कटिंग किया गया जिसमें बी.चंद्रशेखर, ललिता चंद्रशेखर , विवेक धर्मराजन, श्रीप्रिया धर्मराजन , तमिल सेल्वी बालाकृष्णन , डॉ.जूही समर्पिता , डॉ. मोनिका उप्पल एवं सभी शिक्षिकाएं शामिल हुए। डी.बी.एम.एस ट्रस्ट (DBMS TRUST) फाइनेंस के चेयरपर्सन बी.चंद्रशेखर ने अपने संबोधन में “ज्ञान को अपरिमित, विनम्रता और पीढ़ियों से पीढ़ियों को जोड़ने” में शिक्षक की मुख्य भूमिका बताई । बी.एड की छात्रा हर्षा मोदी ने छात्र छात्राओं की ओर से सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए शिक्षकों के लिए एक मनोरंजक खेल पासिंग द पार्सल छात्रों द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें उप प्राचार्या डॉ.मोनिका उप्पल को विजेता घोषित किया गया। संबोधन में प्राचार्या डॉ. जूही समर्पिता ने छात्र छात्राओं को संदेश दिया कि आप के कंधे के ऊपर समाज तथा बच्चों के भविष्य गढ़ने की जिम्मेवारी है एवम शुभकामना संदेश देते हुए कहा की आपलोग एक सफल शिक्षक और शिक्षिका बनें। प्रबंधन के द्वारा सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को गिफ्ट कूपन दिया गया। धन्यवाद ज्ञापन बी.एड की छात्रा पूजा पात्रा ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं छात्र छात्राओं की सक्रिय भागीदारी थी।









