घाटशिला उपचुनाव: प्रत्याशियों का नहीं हुआ अब तक कोई ऐलान, इधर नामांकन होना जारी, राजनीतिक दलों में सरगर्मियां हुई तेज

Ghatsila by-election: No candidates have been announced yet, while nominations are still being filed, and political parties are increasingly active.

Jharkhand By Election। एक तरफ जहां बिहार में चुनावी पारा चढ़ा हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले की घाटशिला विधानसभा का उपचुनाव भी परवान पर है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के बाद अब उपचुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई, हालांकि पहले दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया।

 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि नामांकन स्थल पर प्रत्याशियों और समर्थकों के प्रवेश की संख्या सीमित रखी गई है और सभी को आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

 

नामांकन और मतदान की पूरी समय-सारणी

चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक —

• नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 21 अक्टूबर

• नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी): 22 अक्टूबर

• नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि: 24 अक्टूबर

• मतदान तिथि: 11 नवंबर

• मतगणना और परिणाम घोषणा: 14 नवंबर

इस तरह घाटशिला उपचुनाव की सारी तैयारियां त्योहारी सीज़न के बीच राजनीतिक गर्मी बढ़ाने वाली साबित होंगी।

 

राजनीतिक पार्टियों की तैयारियां — सत्तापक्ष और विपक्ष में मंथन

दिलचस्प यह है कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने अब तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राजद गठबंधन की ओर से तय किया गया है कि यह सीट पिछली बार की तरह झामुमो कोटे से ही लड़ी जाएगी।

झामुमो की केंद्रीय समिति की बैठक 15 अक्टूबर को होने वाली है, जिसमें उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। कांग्रेस और राजद ने भी झामुमो के उम्मीदवार को समर्थन देने के संकेत दिए हैं। महागठबंधन के नेताओं का मानना है कि घाटशिला सीट पर जनता का रुझान अब भी गठबंधन के पक्ष में है।

 

बीजेपी और एनडीए भी तैयार – होगा कांटे का मुकाबला

वहीं दूसरी ओर, एनडीए खेमे की ओर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गई है।बीजेपी के वरिष्ठ विधायक सी.पी. सिंह ने कहा —“घाटशिला सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होगा। पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशी का नाम घोषित करेगी। एनडीए के सभी सहयोगी दल एकजुट होकर मैदान में उतरेंगे।”बीजेपी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करते हुए घोषणा पत्र से लेकर बूथ प्रबंधन तक की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

 

महागठबंधन का दावा – ‘जनता फिर देगी साथ’

इधर, कांग्रेस प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा ने दावा किया है कि घाटशिला सीट पर इस बार भी इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के उम्मीदवार की जीत तय है।

उन्होंने कहा —“पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी थी, मुख्यमंत्री से लेकर बड़े-बड़े नेता कैंप कर रहे थे, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। इस बार भी घाटशिला की जनता गठबंधन के साथ है।”

 

घाटशिला उपचुनाव पर सभी की निगाहें

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घाटशिला उपचुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन का मंच बन सकता है।

जहां सत्तापक्ष के लिए यह उपचुनाव जनता का भरोसा बरकरार रखने की परीक्षा है, वहीं बीजेपी के लिए राज्य में अपनी वापसी की तैयारी का ट्रायल रन माना जा रहा है।

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