50 साल बाद फिर चांद की ओर इंसान! 1 अप्रैल को लॉन्च होगा NASA का आर्टेमिस-2 मिशन… 4 अंतरिक्ष यात्री जाएंगे चांद के पास
टेस्ट फ्लाइट में चांद के चारों ओर चक्कर लगाएगा स्पेसक्राफ्ट, भविष्य में मानव लैंडिंग की तैयारी का अहम चरण

नई दिल्ली:
अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक और बड़ा कदम उठाते हुए NASA ने अपने बहुप्रतीक्षित Artemis II मिशन की नई लॉन्च तारीख का ऐलान किया है। एजेंसी के अनुसार यह मिशन अब 1 अप्रैल को लॉन्च किया जा सकता है।
नासा की वरिष्ठ अधिकारी Lori Glaze ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टीम इस मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी तैयारियां सही दिशा में चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यह एक परीक्षण उड़ान (Test Flight) होगी, इसलिए इसमें कुछ जोखिम भी हो सकता है, लेकिन मिशन के लिए उपकरण और टीम दोनों तैयार हैं।
1 अप्रैल को खुलेगी लॉन्च विंडो
नासा के मुताबिक मिशन के लिए पहली लॉन्च विंडो 1 अप्रैल को शाम 6 बजकर 24 मिनट पर खुलेगी। इसके बाद छह दिनों के भीतर कुल चार बार लॉन्च का अवसर मिल सकता है।
यह मिशन खास इसलिए भी है क्योंकि 50 साल से अधिक समय बाद इंसानों को चांद के पास ले जाने वाला यह पहला मिशन होगा।
पहले फरवरी में होना था लॉन्च
शुरुआत में इस मिशन को फरवरी में लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन बाद में शेड्यूल में बदलाव किया गया। नासा के अनुसार चांद पर भविष्य की लैंडिंग से पहले एक अतिरिक्त टेस्ट मिशन शामिल किया गया, जबकि शुरुआती देरी की वजह कुछ तकनीकी समस्याएं भी थीं।
चार अंतरिक्ष यात्री जाएंगे मिशन पर
इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे—
Reid Wiseman
Victor Glover
Christina Koch
Jeremy Hansen (कनाडा)
यह मिशन चांद के चारों ओर उड़ान भरेगा, लेकिन वहां लैंडिंग नहीं करेगा।
ऐसे पूरा होगा मिशन
नासा के अनुसार लॉन्च के बाद अंतरिक्ष यान पहले पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाएगा। इसके बाद यह Moon की ओर बढ़ेगा और उसके चारों ओर घूमते हुए वापस पृथ्वी की ओर लौटेगा। मिशन के अंत में अंतरिक्ष यान समुद्र में उतरकर यात्रा पूरी करेगा।
अगला लक्ष्य – चांद पर इंसान
Artemis Program का अगला चरण Artemis III होगा, जिसमें इंसानों को चांद की सतह पर उतारने की योजना है।
नासा के अनुसार इस कार्यक्रम के अगले चरणों में पृथ्वी की निचली कक्षा में लूनर लैंडर को अंतरिक्ष यान से जोड़ा जाएगा। एजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 तक चांद पर मानव लैंडिंग को अंजाम दिया जाए।
यह महत्वाकांक्षी योजना अमेरिका की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिकियों को दोबारा चांद पर भेजने का लक्ष्य रखा था।









