एक साथ खाते में आएंगे 5000 रुपये…झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, लाखों महिलाओं और पेंशनधारकों को सीधा फायदा जाने कब और कैसे मिलेगा?

A Lump Sum of ₹5,000 to be Credited to Accounts! A Major Decision by the Jharkhand Government—Direct Benefits for Lakhs of Women and Pensioners: Find Out When and How You Will Receive It.

रांची से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लाभुकों के लिए भारी भरकम राशि जारी कर दी है। इसके तहत सभी जिलों को फंड आवंटित कर दिया गया है और संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक पत्र भी भेज दिया गया है।

सरकार ने मंईयां सम्मान योजना के लिए 80 अरब 71 करोड़ रुपये और सर्वजन पेंशन योजना के लिए 21 अरब 91 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। इस फैसले से राज्य के लाखों लोगों को सीधे आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

एक साथ मिलेंगे 5000 रुपये, महिलाओं के लिए डबल राहत का इंतजाम

मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य की करीब 51 लाख महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाते हैं। इस बार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अप्रैल और मई की राशि एक साथ जारी करने का निर्णय लिया है।

यानी पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एकमुश्त 5000 रुपये ट्रांसफर किये जायेंगे। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने इस मद में 871 करोड़ रुपये जिलों को भेज भी दिये हैं।

यह रकम महिलाओं के लिए घरेलू खर्च, बच्चों की जरूरतों और रोजमर्रा के खर्चों में बड़ी राहत साबित हो सकती है।

पेंशनधारकों के लिए भी राहत, हर महीने मिलेंगे 1000 रुपये

मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के तहत राज्य के करीब 40 लाख लाभुकों को हर महीने 1000 रुपये की पेंशन दी जाती है। सरकार ने इस योजना के लिए 2191 करोड़ रुपये जिलों को आवंटित किये हैं।

विभागीय स्तर पर निर्देश जारी कर दिये गये हैं कि राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो, ताकि लाभुकों को समय पर पैसा मिल सके।

सीधे खाते में पहुंचेगी राशि, जिलों को मिला सख्त निर्देश

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि दोनों योजनाओं की राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजी जायेगी। इसके लिए जिला प्रशासन को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिये गये हैं।

यह पहल राज्य के कमजोर वर्गों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में देखी जा रही है, जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरतमंद लोग शामिल हैं।

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